JM Financial की रिपोर्ट: कॉरपोरेट इंडिया की मजबूत नींव, लेकिन स्मॉल-मिड कैप में फंसा है रिस्क

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AuthorMehul Desai|Published at:
JM Financial की रिपोर्ट: कॉरपोरेट इंडिया की मजबूत नींव, लेकिन स्मॉल-मिड कैप में फंसा है रिस्क

कॉरपोरेट इंडिया की फाइनेंशियल स्थिति अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है, लेकिन JM Financial ने स्मॉल और मिड-कैप शेयरों के ऊंचे वैल्यूएशन पर चिंता जताई है। ब्रोकरेज ने बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों को भी मुनाफे के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

पिछले एक दशक में कर्ज कम करने, टैक्स दरों में कटौती और बेहतर कैश फ्लो की वजह से भारत की कंपनियां आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से ज्यादा तैयार हैं। Nifty 50 की गैर-वित्तीय कंपनियों पर कर्ज का बोझ बहुत कम है, जो बड़े बाजार के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रहा है।

स्मॉल और मिड-कैप शेयरों का रिस्क

बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटे शेयरों में निवेश को लेकर ब्रोकरेज ने आगाह किया है। Nifty Midcap 150 इंडेक्स फिलहाल अपनी कमाई के 28 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर है। वहीं, Nifty Smallcap 250 इंडेक्स 24 के पीई (PE) रेश्यो पर है, जबकि इसका ऐतिहासिक दायरा 18-19 के आसपास रहा है। इसका मतलब है कि अगर कमाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, तो इन शेयरों में गिरावट का जोखिम सबसे ज्यादा है।

कच्चे तेल की कीमतों का दबाव

कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें एक बाहरी खतरा बनी हुई हैं। अगर कीमतें लंबे समय तक $90-$100 प्रति बैरल के दायरे में रहीं, तो रुपये पर दबाव बढ़ेगा और करंट अकाउंट डेफिसिट भी चौड़ा होगा। खास तौर पर केमिकल, पेंट्स, टायर और FMCG जैसी सेक्टर, जो इंपोर्ट पर निर्भर हैं, उनके प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।

प्राइवेट बैंकों पर दांव

JM Financial ने फाइनेंशियल सेक्टर में बड़े प्राइवेट बैंकों को तरजीह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि ये बैंक अपने ऐतिहासिक औसत वैल्यूएशन से 30-40% के डिस्काउंट पर मिल रहे हैं। ICICI Bank को टॉप पिक माना गया है, जबकि पब्लिक सेक्टर में State Bank of India को एक अपवाद के रूप में देखा जा रहा है।

कमाई का आउटलुक

अगले कुछ महीने कंपनियों के लिए अग्निपरीक्षा जैसे होंगे। Nifty 50 के लिए पूरे साल का अर्निंग्स ग्रोथ टारगेट 15.2% है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में यह ग्रोथ 12.9% रही थी, यानी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अगले नौ महीनों में कंपनियों को 16.7% की रफ्तार से कमाई दिखानी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.