JM Financial की रिपोर्ट के अनुसार IT सेक्टर की डी-रेटिंग का दौर पूरा हो चुका है, लेकिन मुनाफे में बड़ी रिकवरी के लिए 2027 तक का समय लग सकता है। लार्ज कैप के मुकाबले मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है।
IT सेक्टर में बदलाव का दौर
भारतीय IT सेक्टर के लिए सबसे बुरा दौर पीछे छूट चुका है, लेकिन निवेशकों को बड़ी रिकवरी के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। JM Financial के मुताबिक, सेक्टर में वैल्युएशन डी-रेटिंग का सिलसिला थम गया है, फिर भी पूरी तरह से अर्निंग्स रिकवरी 2027 तक ही देखने को मिलेगी। अभी लार्ज कैप कंपनियों को सुस्त डिमांड और मार्जिन के दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
Tata Consultancy Services और Infosys जैसी दिग्गज कंपनियां फिलहाल सामान्य ग्रोथ दर्ज कर रही हैं, जो सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को दर्शाता है।
मिड और स्मॉल कैप का दबदबा
ब्रोकरेज का मानना है कि Nifty50 के मुकाबले मिड और स्मॉल कैप कंपनियों का प्रदर्शन ज्यादा दमदार है। ऑयल और गैस सेक्टर को छोड़ दें, तो मिड-कैप फर्मों का प्रॉफिट ग्रोथ मार्केट के प्रमुख बेंचमार्क्स से बेहतर है। हालांकि, यहां चिंता की बात 'हाई वैल्युएशन' है, जिसके चलते निवेशकों को इंडेक्स के बजाय स्टॉक-स्पेसिफिक स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए।
FII निवेश और ग्लोबल ट्रिगर्स
पिछले एक दशक में भारतीय शेयरों में FII की हिस्सेदारी 19.9% से घटकर 13.8% पर आ गई है। विदेशी निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए ग्लोबल मैक्रो संकेत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से, US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता भारतीय बाजार के लिए संजीवनी का काम करेगी। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट का तनाव और US की राजकोषीय नीतियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी।
