ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने JK Cement के लिए अपना 12 महीने का टारगेट प्राइस **₹6,818** से घटाकर **₹6,078** कर दिया है। बढ़ती फ्यूल कॉस्ट और कंपनी के बढ़ते कर्ज (Debt) को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी पर 'Buy' रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि कंपनी इस वक्त ऊंचे फ्यूल प्राइसेज के दबाव में है। इसके अलावा, कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए आक्रामक निवेश कर रही है, जिससे बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और कर्ज का बोझ
कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक ग्रे सीमेंट की क्षमता को 4 करोड़ टन और वित्त वर्ष 2030 तक 5 करोड़ टन तक ले जाने की तैयारी में है। हालांकि, इस भारी-भरकम विस्तार के कारण कंपनी पर कर्ज का स्तर बढ़ गया है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 2.25x से 2.35x के स्तर पर पहुंच सकता है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।
फ्यूल कॉस्ट का असर
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में प्रति टन फ्यूल खर्च में ₹70 से ₹80 तक का इजाफा हो सकता है। कंपनी इसे कवर करने के लिए कीमतें बढ़ाने का प्लान बना रही है, लेकिन बाजार में मंदी के माहौल में इन कीमतों को ग्राहकों पर डालना कितना आसान होगा, यह एक बड़ा सवाल है।
नए बिजनेस पर दांव
सीमेंट के अलावा कंपनी वॉल पुट्टी, पेंट्स और रेडी-मिक्स कंक्रीट जैसे सेगमेंट में अपना दखल बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक अपने पेंट्स बिजनेस को EBITDA पॉजिटिव बनाने का है, ताकि सीमेंट की चक्रियता (Cyclicality) से होने वाले असर को कम किया जा सके। इसके साथ ही, कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी 75% ऊर्जा जरूरतों को रिन्यूएबल सोर्सेज से पूरा करने का है, जो लॉन्ग टर्म में लागत कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
