JK Cement ने Q2 FY27 में **24%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹37.3 अरब** का आंकड़ा छुआ है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में **19%** की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इंडस्ट्री की चुनौतियों के चलते मार्जिन थोड़ा सिकुड़ा है।
वॉल्यूम का दम, लागत की मार
JK Cement का प्रदर्शन इस बार मिला-जुला रहा है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में 60 लाख टन की सेल्स वॉल्यूम दर्ज की है, जो पिछले साल की तुलना में 19% अधिक है। मजबूत डिमांड के चलते कंपनी का रेवेन्यू ₹37.3 अरब तक पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट 8% बढ़कर ₹1.7 अरब पर रहा।
हालांकि, मुनाफे की तस्वीर इतनी साफ नहीं है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 1.2% गिरकर 14% के आसपास आ गया है। वहीं, प्रति टन EBITDA भी 5% घटकर ₹848 रह गया है। इसका साफ मतलब है कि बढ़ती एनर्जी, फ्यूल और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट ने कंपनी के प्रॉफिट पर दबाव बना रखा है। सीमेंट सेक्टर अभी भी अपनी कीमतों को बढ़ाने की स्थिति में नहीं है, जिससे वॉल्यूम बढ़ने के बावजूद मार्जिन में सुधार नहीं दिख रहा है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
नतीजों के बाद, Motilal Oswal ने अपना भरोसा बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर पॉजिटिव रुख रखते हुए ₹5,950 का टारगेट प्राइस दिया है। वर्तमान में शेयर अपने FY27 EV/EBITDA के 17 गुना और FY28 EV/EBITDA के 14 गुना पर ट्रेड कर रहा है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपनी वॉल्यूम ग्रोथ को बरकरार रखती है और पावर व रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत को कैसे कंट्रोल करती है। रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर की डिमांड में बदलाव पर भी बाजार की बारीक नजर बनी रहेगी।
