JG Chemicals: दहेज में नई यूनिट से बढ़ी ताकत, 1,10,000 MTPA तक पहुंची प्रोडक्शन कैपेसिटी

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AuthorNeha Patil|Published at:
JG Chemicals: दहेज में नई यूनिट से बढ़ी ताकत, 1,10,000 MTPA तक पहुंची प्रोडक्शन कैपेसिटी

JG Chemicals ने दहेज (गुजरात) में अपनी नई ग्रीनफील्ड फैसिलिटी के साथ बड़ा दांव खेला है। इसके बाद कंपनी की कुल जिंक ऑक्साइड कैपेसिटी बढ़कर **1,10,000 MTPA** हो गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी ने Q1 FY27 में **43.8%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।

क्षमता विस्तार की पूरी कहानी

JG Chemicals ने गुजरात के दहेज में अपनी नई यूनिट को पूरी तरह ऑपरेशनल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। इस विस्तार से कंपनी की सालाना कैपेसिटी में 40,000 MTPA का इजाफा हुआ है, जिससे कुल उत्पादन क्षमता 1,10,000 MTPA के स्तर पर पहुंच गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर कंपनी ने ₹100 करोड़ का निवेश किया है, ताकि रबर, सिरेमिक्स और फार्मा जैसे बड़े सेक्टर्स की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस

यह कैपेसिटी एक्सपेंशन कंपनी के मजबूत नतीजों के ठीक बाद आया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹318.38 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 43.8% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 59% की जबरदस्त तेजी देखी गई और यह ₹25.08 करोड़ पर पहुंच गया है।

मार्केट शेयर और रिस्क फैक्टर्स

भारत की सबसे बड़ी जिंक ऑक्साइड निर्माता कंपनी होने के नाते, JG Chemicals का घरेलू मार्केट में करीब 30% हिस्सा है। कंपनी के पास टायर बनाने वाली बड़ी कंपनियों के साथ लंबे समय के सप्लाई एग्रीमेंट्स हैं, जो इसे बिजनेस में स्थिरता देते हैं।

हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर गौर करना होगा। जिंक ऑक्साइड बिजनेस पूरी तरह से कच्चे माल (जिंक) की कीमतों पर निर्भर है। अगर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में जिंक के दाम बढ़ते हैं और कंपनी उन्हें ग्राहकों पर शिफ्ट नहीं कर पाती, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। साथ ही, यह बिजनेस वर्किंग कैपिटल के लिहाज से काफी इंटेंसिव है, इसलिए नए प्लांट के संचालन के साथ कैश फ्लो का सही मैनेजमेंट करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.