InvestValue CIO की सलाह: बाजार की अस्थिरता में फार्मा और प्रीमियम कंजम्पशन शेयर पर लगाएं दांव

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
InvestValue CIO की सलाह: बाजार की अस्थिरता में फार्मा और प्रीमियम कंजम्पशन शेयर पर लगाएं दांव

InvestValue के CIO आदित्य अग्रवाल का मानना है कि मौजूदा बाजार अनिश्चितता के दौर में निवेशकों को डिफेंसिव सेक्टर जैसे फार्मा और प्रीमियम कंजम्पशन की ओर रुख करना चाहिए। उन्होंने क्रूड ऑयल से जुड़े सेक्टर से सावधानी बरतने और एक साथ पैसा न लगाने की सलाह दी है।

बढ़ती महंगाई और अस्थिर बॉन्ड यील्ड के बीच, InvestValue के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) आदित्य अग्रवाल ने पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी में बदलाव का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि बाजार की वर्तमान अनिश्चितता को देखते हुए अब ऐसे सेक्टर पर फोकस करना चाहिए जो घरेलू आर्थिक चक्रों से कम प्रभावित होते हैं।

फार्मा और प्रीमियम सेक्टर का बोलबाला

आदित्य अग्रवाल के अनुसार, फार्मा सेक्टर निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है। इसकी मुख्य वजह इसका एक्सपोर्ट डिमांड और आर्थिक झटकों के प्रति इसकी मजबूती है। फार्मा के अलावा, प्रीमियम कंजम्पशन गुड्स (Premium Consumption Goods) भी निवेश के लिए अच्छे हैं। प्रीमियम उत्पादों की मांग पर ईंधन की कीमतों या ग्रामीण आय की अनिश्चितता का कम असर पड़ता है, क्योंकि इनका ग्राहक वर्ग काफी स्थिर होता है।

क्रूड ऑयल से जुड़ी कंपनियों से रहें दूर

विशेषज्ञों ने क्रूड ऑयल पर भारी निर्भरता वाली कंपनियों को लेकर सख्त चेतावनी दी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं। जब तक इनपुट कॉस्ट स्थिर नहीं हो जाती, निवेशकों को इन कंपनियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

रिजर्व बैंक और महंगाई का असर

यह सलाह ऐसे समय में आई है जब मार्केट Reserve Bank of India (RBI) की अगली पॉलिसी का इंतजार कर रहा है। महंगाई दर के 4% के लक्ष्य से ऊपर बने रहने के कारण रेपो रेट बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही, भारतीय और अमेरिकी सरकारी सिक्योरिटीज के बीच यील्ड स्प्रेड में अस्थिरता ने करेंसी रिस्क को बढ़ा दिया है, जिससे महंगे वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स में निवेश करना फिलहाल जोखिम भरा है।

निवेश का सही तरीका

आदित्य अग्रवाल ने एक बार में सारा पैसा लगाने के बजाय 6 से 9 महीने की अवधि में किश्तों (Tranches) में निवेश करने की सलाह दी है, ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से मैनेज किया जा सके। इसके अलावा, एल नीनो (El Niño) जैसे मौसम संबंधी जोखिम और ग्लोबल एनर्जी कॉस्ट भी चालू फाइनेंशियल ईयर की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.