Nomura ने IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। नए एयरफेयर रेगुलेशन्स को लेकर मार्केट में डर जरूर है, लेकिन ब्रोकरेज को मौजूदा वैल्युएशन काफी आकर्षक लग रही है।
भारतीय एविएशन सेक्टर में इन दिनों काफी हलचल है। भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नए नियम आने वाले हैं, जिसे लेकर अगले दो हफ्तों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इसी अनिश्चितता के बीच ब्रोकरेज फर्म Nomura ने InterGlobe Aviation के शेयर पर ₹6,000 का टारगेट प्राइस सेट किया है।
रेगुलेशन का असर: डर या पारदर्शिता?
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं सरकार हवाई टिकटों पर प्राइस कैप (Price Cap) न लगा दे। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि सरकार का फोकस एयरलाइंस पर सख्ती करने के बजाय ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) बढ़ाने पर होगा। जैसे अमेरिका और यूरोपीय देशों में होता है, वैसे ही भारत में भी 'एंसिलरी चार्जेस' (अतिरिक्त शुल्क) को स्पष्ट रूप से बताने की अनिवार्यता बढ़ सकती है, न कि टिकट की कीमतों पर कड़ी पाबंदी।
फाइनेंशियल ग्रोथ और रिस्क फैक्टर्स
कंपनी का भविष्य जेट फ्यूल की कीमतों और टिकट यील्ड्स (Yields) पर निर्भर करता है। अनुमान है कि अगर सिंगापुर जेट फ्यूल की लागत में 13% सालाना गिरावट आती है, तो InterGlobe Aviation का EBITDA CAGR 38% तक पहुंच सकता है।
वहीं, जोखिम भी कम नहीं है। यदि रेगुलेटरी प्रेशर के कारण फाइनेंशियल ईयर 28 तक यील्ड्स में 5% की गिरावट आती है, तो कंपनी के EBITDA में 10% की कमी आ सकती है। हालांकि, एयरलाइन अपने लोड फैक्टर (सीट भरने की क्षमता) को मैनेज करके इस नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर सकती है।
क्या शेयर अभी सस्ता है?
वैल्युएशन की बात करें तो शेयर अपने FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 8.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह इसके 4 साल के औसत 11 गुना से काफी कम है। अगर रेगुलेटरी बदलाव उतने सख्त नहीं होते जितनी मार्केट को आशंका है, तो शेयर के दाम में सुधार की काफी गुंजाइश दिख रही है।
