Infosys के शेयरों में पिछले पांच दिनों में **5%** की गिरावट आई है। बाजार में छाई निराशा का मुख्य कारण IT सेक्टर में खर्च की धीमी रफ्तार और AI प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते निवेश का दबाव है। हालांकि कंपनी के मार्जिन स्थिर बने हुए हैं, लेकिन व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियां सेंटीमेंट पर भारी पड़ रही हैं।
बाजार में सुस्ती का माहौल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Infosys का शेयर ₹1,027.40 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 5% की गिरावट को दर्शाता है। यह कमजोरी सिर्फ एक शेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि Nifty IT इंडेक्स में भी 1.5% की गिरावट देखी गई है, जो प्रमुख सॉफ्टवेयर निर्यातकों के प्रति बाजार के बदलते नजरिए को दिखाती है।
AI निवेश और मार्जिन पर दबाव
Infosys का पूरा जोर इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर है। कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने के लिए AI प्लेटफॉर्म विकसित करने और टैलेंट को अपस्किल करने पर बड़ी पूंजी खर्च कर रही है। हालांकि ये कदम लंबी अवधि में फायदे के लिए उठाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इनसे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 21.1% रहा है। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर है कि इन निवेशों का रेवेन्यू में योगदान आने में कितना समय लगेगा।
सेक्टर का आउटलुक और मैक्रो चुनौतियां
पूरे IT सेक्टर पर ग्लोबल क्लाइंट्स के खर्च कम करने का दबाव साफ दिख रहा है। ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स में तेजी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनियों के IT बजट पर कैंची चल रही है। CLSA के एनालिस्टों ने भी शॉर्ट टर्म में अर्निंग-पर-शेयर (EPS) ग्रोथ को लेकर जोखिम जताए हैं। अच्छी बात यह है कि कंपनी का BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) वर्टिकल अभी भी काफी मजबूती दिखा रहा है, जिससे कंपनी के ऑपरेशंस को कुछ हद तक स्थिरता मिल रही है।
अब बाजार की निगाहें मैनेजमेंट की भविष्य की योजनाओं और AI से होने वाली कमाई की टाइमलाइन पर टिकी हैं।
