Infosys अपने Q2 FY27 के नतीजे **23 अक्टूबर** को जारी करने वाली है। एनालिस्ट्स को रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन बड़ी डील के आंकड़ों में गिरावट की संभावना ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आईटी दिग्गज Infosys 23 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश करने जा रही है। बाजार का अनुमान है कि ग्लोबल डिमांड में सुस्ती के बीच कंपनी की ग्रोथ सुस्त रह सकती है। हाल ही में हुए अधिग्रहण (Acquisitions) टॉप-लाइन को सहारा जरूर देंगे, लेकिन करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर रेवेन्यू पर दिखना तय है।\n\n### ग्रोथ और गाइडेंस का गणित\nनिवेशकों की सबसे बड़ी नजर कंपनी के एनुअल रेवेन्यू गाइडेंस पर है। अनुमान है कि कांस्टेंट-करेंसी के आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ 1.1% से 1.7% के बीच रह सकती है। HDFC Securities और Emkay Global जैसे ब्रोकरेज हाउस ने चेतावनी दी है कि मैनेजमेंट मौजूदा 1.5% से 3% के ग्रोथ अनुमान को घटा सकता है। जानकारों का मानना है कि इसमें 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती मुमकिन है, क्योंकि विदेशी क्लाइंट्स अपने टेक्नोलॉजी बजट को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं।\n\n### डील फ्लो और मार्जिन पर दबाव\nभविष्य के बिजनेस का अंदाजा लगाने के लिए 'लार्ज डील' का आंकड़ा सबसे अहम होता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार बड़ी डील्स का कुल वैल्यू $2 बिलियन से $3 बिलियन के बीच रह सकता है, जो पिछली तिमाही के $3.6 बिलियन के मुकाबले कम है।\n\nमुनाफे के मोर्चे पर कंपनी 'Project Maximus' के जरिए कॉस्ट कटिंग पर जोर दे रही है, ताकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन को सुधारा जा सके। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश और अधिग्रहण की लागत मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। अब मैनेजमेंट की कमेंट्री में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AI प्रोजेक्ट्स भविष्य में कमाई का बड़ा जरिया बनेंगे और कंपनी अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखेगी।
