Infosys Share Price: नतीजों में दम, पर AI के डर से शेयर में गिरावट? जानें क्या हुआ

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AuthorAditya Rao|Published at:
Infosys Share Price: नतीजों में दम, पर AI के डर से शेयर में गिरावट? जानें क्या हुआ
Overview

IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys ने अपने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में दमदार प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो कि बड़े डील्स की वजह से संभव हुआ है। हालांकि, कंपनी ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए एक सावधानी भरा रेवेन्यू आउटलुक दिया है, जो AI के बढ़ते प्रभाव की ओर इशारा कर रहा है।

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Infosys के Q4 FY26 के शानदार नतीजे

Infosys के लिए यह तिमाही (Q4 FY26) काफी मजबूत रही। कंपनी ने 20.8% की सालाना बढ़त के साथ ₹8,501 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, रेवेन्यू 13.4% बढ़कर ₹46,402 करोड़ रहा, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹1,78,650 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 10.2% की तेजी के साथ ₹29,440 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी रिकमेंड किया है।

AI के कारण FY27 के लिए धीमी ग्रोथ का अनुमान

इस शानदार परफॉरमेंस के बावजूद, Infosys ने FY27 के लिए 1.5% से 3.5% (कांस्टेंट करेंसी में) की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है। यह अनुमान बाजार के जानकारों की उम्मीदों से काफी कम है। कंपनी ने इस धीमी ग्रोथ का कारण जियोपॉलिटिकल चिंताएं, क्लाइंट की तरफ से कुछ प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित कमी और AI के बढ़ते इस्तेमाल को बताया है। AI की वजह से IT सर्विसेज के प्राइजिंग (pricing) पर दबाव बढ़ सकता है, जिसे 'AI डिफ्लेशन' भी कहा जा रहा है।

बड़े डील्स के बावजूद AI का असर

Infosys ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में $14.9 बिलियन के बड़े डील्स जीते हैं, जिसमें चौथी तिमाही में $3.2 बिलियन का योगदान रहा। यह क्लाइंट्स की ट्रांसफॉर्मेशन (transformation) पहलों में दिलचस्पी को दर्शाता है। लेकिन, मैनेजमेंट का अनुमान है कि AI की वजह से मौजूदा सर्विस लाइन्स से रेवेन्यू में सालाना 2-3% तक की कमी आ सकती है। इस आउटलुक के बाद Infosys के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीप्ट्स (ADRs) में गिरावट देखी गई और शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब आ गया।

एनालिस्ट्स की राय और सेक्टर का हाल

एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है। कुछ ब्रोकरेज जैसे Prabhudas Lilladher और Nomura ने 'Buy' रेटिंग और ₹1,570 व ₹1,600 के टारगेट प्राइस को बनाए रखा है। वहीं, Jefferies और Morgan Stanley जैसे ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को घटाकर क्रमशः ₹1,235 और ₹1,380 कर दिया है। NIFTY IT इंडेक्स भी इस साल करीब 20% तक गिर चुका है, जो पूरे IT सेक्टर के लिए हेडविंड्स (headwinds) का संकेत दे रहा है। Infosys का करंट वैल्यूएशन (valuation) साथियों जैसे Wipro और TCS के मुकाबले ठीक है, लेकिन HCLTech से थोड़ा कम।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.