IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys ने अपने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर **1-2%** कर दिया है, जो पहले **1.5-3%** के दायरे में था। कंपनी ने दूसरी तिमाही में **$5.2 बिलियन** के बड़े डील हासिल किए हैं, लेकिन रिटेल और हाई-टेक सेक्टर में सुस्ती के कारण ग्रोथ सीमित रही है।
उम्मीद से कमजोर नतीजे
Infosys के लिए दूसरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है, जहां कंपनी का रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मार्जिन बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। कांस्टेंट करेंसी टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ महज 1.2% रही, जिसे काफी हद तक हालिया अधिग्रहणों (acquisitions) का सहारा मिला है। इस सुस्त प्रदर्शन के चलते कंपनी ने अपना पूरे फाइनेंशियल ईयर का गाइडेंस घटा दिया है।
क्यों आ रही है सुस्ती?
कंपनी के रेवेन्यू में इस गिरावट की मुख्य वजह रिटेल और हाई-टेक सेगमेंट में 'डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग' (discretionary spending) का टलना है। क्लाइंट्स अभी भी अपने गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं, जिससे मार्जिन पर भी दबाव बढ़ा है। ऑपरेटिंग मार्जिन में पिछले क्वार्टर के मुकाबले 0.1% की कमी देखी गई है, जो अब 21% पर आ गया है।
बड़े ऑर्डर्स और AI का भविष्य
निराशाजनक आंकड़ों के बीच राहत की बात कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी ने इस तिमाही में $5.2 बिलियन की बड़ी डील हासिल की हैं, जिसमें 62% नया बिजनेस (net-new business) है। इसमें फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की एक बड़ी $2 बिलियन की डील भी शामिल है जो अगले 7 साल तक कंपनी के लिए रेवेन्यू का आधार बनेगी।
वही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस भी बढ़ रहा है। AI-रिलेटेड रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का 10.5% हिस्सा है। हालांकि, यह ग्रोथ लेगेसी सर्विसेज के लिए रिस्क भी पैदा कर रही है, क्योंकि पुरानी सर्विसेज की कीमत पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे की राह
आने वाले समय में कंपनी के लिए 'Project Maximus' जैसी पहल मार्जिन को बचाने में मददगार साबित हो सकती है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या बड़ी डील और ऑपरेशनल एफिशिएंसी से कंपनी बाजार की सुस्ती को मात दे पाएगी या नहीं।
