इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के लिए अच्छी खबर है। ब्रोकरेज फर्म प्रभादास लिलाधर (Prabhudas Lilladher) ने बैंक के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने का काम पूरा कर लिया है और अब ग्रोथ पर फोकस कर रही है।
Detailed Coverage
बैलेंस शीट एडजस्टमेंट का दौर खत्म
इंडसइंड बैंक अब विस्तार की ओर कदम बढ़ा रहा है, क्योंकि बैलेंस शीट को ठीक करने का इसका पिछला दौर लगभग पूरा हो चुका है। ब्रोकरेज फर्म प्रभादास लिलाधर ने बैंक के शेयर पर अपना भरोसा जताते हुए, टारगेट प्राइस को पिछले ₹960 से बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है। साथ ही, उन्होंने 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है। यह कदम बैंक की कोर प्रॉफिटेबिलिटी में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। कंपनी की पिछली तिमाही की कमाई उम्मीदों से 8.5% ज्यादा रही, जिसका मुख्य कारण अनुमान से बेहतर फीस इनकम और ऑपरेटिंग कॉस्ट पर कसा हुआ नियंत्रण रहा।
लोन ग्रोथ और MFI सेगमेंट में सुधार
निवेशकों के लिए सबसे अहम खबर यह है कि बैंक का बैलेंस शीट रिकैलिब्रेशन (balance sheet recalibration) का दौर खत्म हो गया है। यह प्रक्रिया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 की चौथी तिमाही से 2026 की चौथी तिमाही तक लोन ग्रोथ को प्रभावित कर रही थी, बैंक की एसेट क्वालिटी (asset quality) को स्थिर करने के लिए एक सुरक्षात्मक कदम थी। अब जब यह दौर पीछे छूट गया है, तो बैंक में मोमेंटम के संकेत दिख रहे हैं। खास तौर पर, कॉर्पोरेट लोन सेगमेंट में 3.3% की ग्रोथ देखी गई, जिसने पिछली तिमाही की तुलना में कुल लोन ग्रोथ को बढ़ाया है।
माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (MFI) बिजनेस में भी स्थिरता आई है। यह सेगमेंट, जो वर्तमान में कुल लोन पोर्टफोलियो का लगभग 5% है, पहले एसेट क्वालिटी को लेकर चिंता का विषय बना हुआ था। बैंक की योजना आने वाली तिमाहियों में इस बुक को अपने पोर्टफोलियो का 7% तक बढ़ाने की है। इसके अलावा, बैंक की फंडिंग प्रोफाइल (funding profile) भी मजबूत हो रही है। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (Liquidity Coverage Ratio) - जो बैंक की शॉर्ट-टर्म देनदारियों को पूरा करने की क्षमता को मापता है - बढ़कर 49.5% हो गया है। यह पिछली तिमाही की तुलना में 160 बेसिस पॉइंट और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 320 बेसिस पॉइंट का सुधार है।
कमाई का अनुमान और वैल्यूएशन
फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानित बुक वैल्यू (book value) पर 1.2x का वैल्यूएशन मल्टीपल (valuation multiple) बताता है कि ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की कमाई अब एक अधिक अनुमानित रास्ते पर है। हालिया प्रदर्शन में एक महत्वपूर्ण योगदान ₹2.8 बिलियन के एकमुश्त इनकम टैक्स रिफंड का रहा, जिसने बॉटम लाइन को बढ़ावा दिया। आगे चलकर, निवेशकों को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि क्या बैंक कॉर्पोरेट लेंडिंग में इस मोमेंटम को बनाए रख सकता है और अपने MFI पोर्टफोलियो के विकास को प्रभावी ढंग से कैसे प्रबंधित करता है, ताकि पिछली तिमाहियों की समस्याएं वापस न आएं। क्रेडिट ग्रोथ की गति और स्थिर डिपॉजिट कॉस्ट बनाए रखने की बैंक की क्षमता, वर्तमान ग्रोथ ट्रैजेक्टरी को बनाए रखने में मुख्य कारक होंगे।
