Indus Towers: 3 साल बाद डिविडेंड की वापसी!
Indus Towers अपने शेयरधारकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। कंपनी 3 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार डिविडेंड (Dividend) वापस ला रही है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह FY26 के फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) का 100%, यानी ₹14 प्रति शेयर, शेयरधारकों को बांटेगी।
यह फैसला कंपनी के स्थिर हो रहे कैश फ्लो (Cash Flow) और परिचालन में सुधार (Operational Improvement) का सीधा संकेत है। Q4 FY26 में, टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा नेटवर्क विस्तार की मजबूत मांग के चलते नए टावर लगाने की संख्या (Net Tower Additions) बढ़कर 4,892 हो गई, जो पिछली तिमाही के 3,548 से काफी ज्यादा है। इसके अलावा, Vodafone Idea को मिली AGR राहत (AGR Relief) ने Indus Towers के लिए बकाया भुगतानों (Receivables) का जोखिम काफी कम कर दिया है, जिससे कंपनी का भविष्य और सुरक्षित दिख रहा है।
कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) भी मजबूत है, जिसमें ₹4,970 करोड़ का नेट कैश (Net Cash) है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27-28 में डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) 5-6% तक रह सकती है। Indus Towers सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अफ्रीका (Africa) में भी विस्तार कर रही है। जाम्बिया (Zambia) में लाइसेंस मिल चुका है और युगांडा (Uganda) व नाइजीरिया (Nigeria) में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, वो भी बिना ज्यादा शुरुआती निवेश के।
हालांकि, Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट (Net Profit) मामूली 0.8% बढ़कर ₹1,793 करोड़ हुआ, लेकिन पूरे साल FY26 में प्रॉफिट 28.1% घटकर ₹7,145 करोड़ रहा। यह बढ़े हुए ऑपरेटिंग खर्चों (Operating Expenses) और फ्यूल कॉस्ट (Fuel Costs) का नतीजा है।
TVS Motor: शानदार नतीजे, पर वैल्यूएशन पर चिंता
वहीं, दूसरी ओर TVS Motor Company की कहानी थोड़ी अलग है, जहां शानदार प्रदर्शन के बावजूद वैल्यूएशन (Valuation) चिंता का सबब बन रहा है। कंपनी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और टू-व्हीलर (Two-Wheeler) मार्केट में अपनी पकड़ को और मजबूत बनाया है। नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग और बेहतरीन ब्रांड वैल्यू (Brand Value) के चलते कंपनी ने मार्केट शेयर (Market Share) में लगातार बढ़ोतरी हासिल की है।
Q4 FY26 में कंपनी के नतीजे दमदार रहे। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में 30.4% की जोरदार उछाल आई और यह ₹15,053 करोड़ पर पहुंच गया। वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) 28% रही और एवरेज सेलिंग प्राइस (Average Selling Price) में 5% की बढ़ोतरी हुई, जिससे EBITDA में 26% की बढ़त दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two-Wheeler) सेगमेंट में तो TVS Motor का जलवा है, जहां कंपनी 25% से ज्यादा मार्केट शेयर के साथ लीड कर रही है।
लेकिन, इन शानदार नतीजों के बावजूद, TVS Motor का शेयर प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation) पर ट्रेड कर रहा है। स्टॉक का TTM P/E रेशियो (P/E Ratio) 51x से 63x के बीच है, जो इंडस्ट्री के एवरेज से काफी ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने भी चेताया है कि इस वैल्यूएशन पर गलती की गुंजाइश बहुत कम है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कच्चे माल की कीमतों (Commodity Prices) में आई 'अप्रत्याशित' बढ़ोतरी पर चिंता जताई है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। साथ ही, EVs, Norton और एक्सपोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में कंपनी को कई बड़ी योजनाओं पर एक साथ काम करना है, जो क्रियान्वयन का जोखिम (Execution Risk) बढ़ाता है। ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में धीमी पड़ती ग्रोथ, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन (Supply Chain) की संभावित दिक्कतें भी TVS Motor जैसी कंपनियों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं।