ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Indus Towers पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी है। Vodafone Idea के नेटवर्क रोलआउट के कारण कंपनी की टेनेंसी (tenancy) में तो उछाल आया है, लेकिन बदलते कैपिटल एक्सपेंडिचर पैटर्न ने ब्रोकरेज को सतर्क रहने पर मजबूर किया है।
बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नतीजे
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Indus Towers के शेयर पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹410 रखा है। यह अपडेट फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद आया है, जो काफी हद तक मार्केट की उम्मीदों के अनुरूप रहे। कंपनी का रिकरिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 2% (क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर) बढ़कर ₹4.75 अरब पर पहुंच गया है।
टेनेंसी में बड़ा उछाल
इस तिमाही की सबसे बड़ी हाइलाइट रही टेनेंसी एडिशन्स में आई तेजी। यह आंकड़ा बढ़कर 7,900 यूनिट्स हो गया है, जो पिछली तिमाही में करीब 4,200 था। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस तेजी के पीछे Vodafone Idea द्वारा किए जा रहे तेज नेटवर्क रोलआउट का बड़ा हाथ है। हालांकि, नई फिजिकल टावर्स लगाने की रफ्तार इस दौरान सुस्त रही है।
CAPEX का गणित और कैश फ्लो
ब्रोकरेज ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के बदलते ट्रेंड की ओर इशारा किया है। रिपोर्टेड कैपेक्स 40% बढ़कर ₹24 अरब पर पहुंच गया, लेकिन वास्तविक कैश एक्सपेंडिचर (Cash Capex) 9% घटकर ₹16.3 अरब रहा।
कंपनी का कैश फ्लो लगातार मजबूत बना हुआ है। तिमाही के दौरान ₹13.8 अरब का फ्री कैश फ्लो जेनरेट हुआ, जिससे फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में कुल कैश जेनरेशन ₹28.1 अरब रहा। निवेशकों के लिए कंपनी की यह कैश जेनरेशन क्षमता एक मजबूत आधार है।
आगे का रास्ता और रिस्क
Indus Towers का भविष्य पूरी तरह से टेलीकॉम कंपनियों की स्पेंडिंग प्लान पर निर्भर है। अगर Vodafone Idea, Bharti Airtel, या Reliance Jio नेटवर्क एक्सपेंशन में सुस्ती लाते हैं, तो इसका सीधा असर कंपनी की ग्रोथ पर पड़ेगा। साथ ही, इन ग्राहकों से समय पर पेमेंट मिलना भी कंपनी के लिए एक अहम रिस्क फैक्टर बना हुआ है।
