Indraprastha Gas (IGL) ने Q2 FY27 में पहली बार ऐतिहासिक EBITDA घाटा दर्ज किया है, लेकिन इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने शेयर पर अपना भरोसा बरकरार रखा है और ₹161 का टारगेट दिया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ग्रहण?
Indraprastha Gas Limited (IGL) के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी ने Q2 FY27 में लगभग ₹31.11 करोड़ का EBITDA लॉस दर्ज किया है, जो कंपनी के इतिहास में पहली बार है। इसकी मुख्य वजह नेचुरल गैस की खरीद लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी है, जिसे कंपनी पूरी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाल सकी।
वॉल्यूम ग्रोथ में दम
मुनाफे की मार के बावजूद, कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। कंपनी का रेवेन्यू ₹5,613.62 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 26.3% ज्यादा है। साथ ही, बिक्री वॉल्यूम भी 8% बढ़कर 10.06 MMSCMD तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि CNG और PNG की मांग अब भी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को दो बड़े मोर्चों पर नजर रखने की जरूरत है:
- रेगुलेटरी विवाद: कंपनी Delhi Development Authority (DDA) के ₹330.73 करोड़ के लाइसेंस फीस डिमांड के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है। इसका नतीजा कंपनी की वित्तीय सेहत को प्रभावित कर सकता है।
- EV का खतरा: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता चलन भविष्य में ट्रांसपोर्ट फ्यूल की मांग के लिए बड़ा सवाल है।
फिलहाल, स्टॉक ने साल-दर-साल आधार पर 29% तक की गिरावट देखी है, लेकिन ब्रोकरेज की इस नई रिपोर्ट के बाद शेयर में हल्की रिकवरी दिखी है और यह ₹136-137 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
