ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Indostar Capital Finance पर कवरेज शुरू करते हुए इसे **'Buy'** रेटिंग दी है और **₹240** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी अपने रिटेल लेंडिंग बिजनेस पर तेजी से फोकस कर रही है, जो आने वाले सालों में मुनाफे को नई ऊंचाई दे सकता है।
मोतीलाल ओसवाल की नई रिपोर्ट में Indostar Capital Finance के लिए एक बुलिश नजरिया पेश किया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि 2026 से 2028 के फाइनेंशियल ईयर के बीच कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 26% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) और नेट प्रॉफिट में 42% की जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है। यह लक्ष्य सितंबर 2028 के अनुमानित बुक वैल्यू के 0.9 गुना पर आधारित है।
रिटेल बिजनेस में जबरदस्त उछाल
कंपनी के FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे रिटेल सेक्टर में उसके आक्रामक विस्तार को दर्शाते हैं। कंपनी का रिटेल डिस्बर्समेंट पिछले साल की तुलना में 51% बढ़ा है, जिससे नेट इंटरेस्ट इनकम ₹242.3 करोड़ तक पहुंच गई है। मैनेजमेंट पुरानी लोन श्रेणियों को छोड़कर अब पूरी तरह से रिटेल-केंद्रित मॉडल पर काम कर रहा है।
एसेट क्वालिटी में भी सुधार के संकेत दिख रहे हैं। ग्रॉस स्टेज-3 एसेट्स (बैड लोन) पिछले क्वार्टर के 4.84% से घटकर 4.46% पर आ गए हैं, जो यह साबित करता है कि कंपनी का लोन बुक को साफ करने का अभियान सही दिशा में है।
लेगेसी पोर्टफोलियो और क्रेडिट कॉस्ट
हालांकि रिटेल ग्रोथ तेज है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के क्रेडिट कॉस्ट पर नजर रखनी होगी। जनवरी 2025 से पहले के लोन, जिन्हें कंपनी 'लेगेसी बुक' कहती है, उन पर किए गए प्रोविजन के कारण शॉर्ट टर्म मुनाफे पर दबाव बना है और कंपनी का नेट प्रॉफिट इस तिमाही में ₹13.2 करोड़ रहा।
अच्छी खबर यह है कि यह पुरानी लोन बुक तेजी से कम हो रही है और उम्मीद है कि FY27 के अंत तक यह कुल एसेट्स का मात्र 10% रह जाएगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 की चौथी तिमाही से क्रेडिट कॉस्ट में राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल निवेशक इस बात पर ध्यान देंगे कि कंपनी कितनी तेजी से पुरानी बुक को नई और बेहतर क्वालिटी वाली रिटेल बुक से बदल पाती है।
