Indiqube Spaces: ICICI Securities ने दी 'BUY' रेटिंग, ₹263 का टारगेट!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indiqube Spaces: ICICI Securities ने दी 'BUY' रेटिंग, ₹263 का टारगेट!

ICICI Securities ने फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस कंपनी Indiqube Spaces पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है। ब्रोकरेज ने 'BUY' रेटिंग के साथ ₹263 का प्राइस टारगेट सेट किया है। कंपनी के घाटे में कमी और ऑक्यूपेंसी लेवल में सुधार को देखते हुए यह तेजी का अनुमान लगाया गया है।

Indiqube Spaces पर ICICI Securities का भरोसा

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने Indiqube Spaces पर कवरेज शुरू करते हुए शेयर के लिए ₹263 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कंपनी अपने फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस बिज़नेस को बढ़ाने और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ज़ोर दे रही है।

तिमाही नतीजों में सुधार

NSE और BSE पर लिस्टेड Indiqube Spaces ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस घटकर ₹23.9 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹36.8 करोड़ था। ब्रोकरेज का पॉजिटिव आउटलुक कंपनी के रेवेन्यू में 26% और EBITDA में 31% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के अनुमान पर आधारित है, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच रहने की उम्मीद है।

ऑक्यूपेंसी में आया उछाल

कंपनी की ऑपरेशनल सफलता का श्रेय उसके ऑफिस स्पेस को भरने की क्षमता को जाता है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, कंपनी ने बताया कि उसके मैच्योर सेंटर्स में ऑक्यूपेंसी 90% तक पहुंच गई, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में 200 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी है। यह यूटिलाइजेशन रेट बिजनेस के लिए एक बड़ा फैक्टर है, क्योंकि ज़्यादा ऑक्यूपेंसी सीधे रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग मार्जिन को सपोर्ट करती है।

भविष्य की योजनाएं और जोखिम

आगे देखते हुए, कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 1.5 मिलियन से 2 मिलियन स्क्वायर फीट तक ऑपरेशनल स्पेस जोड़ने की योजना बनाई है। मैनेजमेंट ने साल के लिए 25% से 30% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की डिमांड में कंपनी के विश्वास को दर्शाता है।

हालांकि, इस बिजनेस मॉडल में कुछ इनहेरेंट जोखिम भी हैं। Indiqube Spaces रियल एस्टेट मार्केट के बदलावों और कॉर्पोरेट लीजिंग ट्रेंड्स के प्रति संवेदनशील सेक्टर में काम करती है। रिमोट वर्किंग की ओर झुकाव ऑफिस स्पेस की डिमांड पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज़ का फाइनेंशियल दबाव भी है; मौजूदा डेटा एक लो इंटरेस्ट कवरेज रेशियो दिखाता है, जिसका मतलब है कि कंपनी के पास अपने उधार पर ब्याज चुकाने के लिए सीमित बफर है। इसलिए, कंपनी की क्षमता उच्च ऑक्यूपेंसी रेट बनाए रखने और फिक्स्ड ऑपरेटिंग खर्चों को मैनेज करने की, लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.