भारतीय टेलीकॉम सेक्टर अब नए सब्सक्राइबर्स जोड़ने के बजाय प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मार्केट में **12-15%** तक टैरिफ बढ़ोतरी की चर्चाएं तेज हैं, जबकि कंपनियां 4G और 5G में बदलाव के जरिए अपने रेवेन्यू को मजबूत करने में लगी हैं।
5G का दम और ARPU का खेल
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर अब वॉल्यूम से वैल्यू की ओर बढ़ रहा है। देश में वायरलेस सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 1.3 अरब के स्तर पर पहुंच गई है, जिससे नए ग्राहकों के जुड़ने की रफ्तार धीमी हुई है। अब सारा फोकस ARPU (Average Revenue Per User) पर है। 5G पेनिट्रेशन अब 40% से ऊपर निकल चुका है और इसके 55 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हो गए हैं।
फिलहाल मार्केट में Bharti Airtel का ARPU ₹275 के साथ सबसे आगे है, वहीं Reliance Jio का ₹216 और Vodafone Idea का ₹177 है।
टैरिफ बढ़ोतरी पर मंथन
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि दिसंबर 2026 तक कंपनियां टैरिफ में 12% से 15% तक का इजाफा कर सकती हैं। इसका मुख्य मकसद 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए भारी निवेश से रिटर्न हासिल करना है। हालांकि, कंपनियां इस बात को लेकर सतर्क हैं कि कहीं ज्यादा बढ़ोतरी से ग्राहक उनसे दूर न हो जाएं।
Vodafone Idea के लिए चुनौतियां बरकरार
सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव Vodafone Idea पर दिख रहा है। भारी कर्ज और वैधानिक बकाये (Statutory dues) के बीच कंपनी की राह आसान नहीं है। हाल ही में, Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने नियमों के उल्लंघन पर कंपनी पर ₹89.16 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
आगे चलकर निवेशकों को कंपनियों के ARPU ग्रोथ और टैरिफ से जुड़े आधिकारिक एलान पर नजर रखनी चाहिए, जो सेक्टर की भविष्य की कमाई की दिशा तय करेंगे।
