Indian Market: क्या सस्ते हो गए हैं शेयर? वैल्यूएशन में गिरावट के बावजूद FIIs क्यों हैं सतर्क

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Market: क्या सस्ते हो गए हैं शेयर? वैल्यूएशन में गिरावट के बावजूद FIIs क्यों हैं सतर्क

Nifty 50 का फॉरवर्ड वैल्यूएशन मल्टीपल अब घटकर **17.1x** पर आ गया है, जो एक संभावित निचले स्तर का संकेत है। हालांकि, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने पिछले दो साल में **$64 बिलियन** की भारी बिकवाली की है, जिससे बाजार में अभी भी सावधानी का माहौल है।

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां वैल्यूएशन 2024 के उच्चतम स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं। सितंबर 2024 में जो Nifty 50 का वन-ईयर फॉरवर्ड वैल्यूएशन मल्टीपल 24.8x हुआ करता था, वह अब सुधरकर 17.1x पर आ गया है। इस गिरावट ने घरेलू निवेशकों को तो आकर्षित किया है, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की वापसी अभी भी दूर है।

FIIs का रुख क्यों है ठंडा?

पिछले दो वर्षों में FIIs ने भारतीय बाजार से लगभग $64 बिलियन की निकासी की है। इसका असर यह हुआ है कि सितंबर 2026 की तिमाही के अंत तक भारतीय इक्विटी में विदेशी हिस्सेदारी घटकर 14.02% के 15 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। विदेशी निवेशक अब केवल सस्ते शेयर नहीं देख रहे, बल्कि वे इस बात के ठोस सबूत चाहते हैं कि भारतीय कंपनियां ग्लोबल स्तर पर बेहतर अर्निंग्स ग्रोथ दिखा सकें।

बाजार के लिए बड़ी चुनौतियां

विदेशी निवेश को रोकने में सबसे बड़ी बाधा कच्चे तेल की कीमतें हैं। Brent crude का $115 प्रति बैरल के आसपास बने रहना बाजार का कॉन्फिडेंस कम कर रहा है। ऐतिहासिक रूप से, जब क्रूड ऑयल की कीमतें $90 के नीचे आती हैं, तब ही विदेशी बिकवाली का दबाव कम होता है। इसके अलावा, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों का असर भी मार्केट पर बना हुआ है।

कॉरपोरेट अर्निंग्स से उम्मीद

इस चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच, Q2FY27 के नतीजे राहत देने वाले हैं। Reliance Industries जैसी दिग्गज कंपनियों ने शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है, जो बाजार के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। पिछले 3 साल में यह कॉरपोरेट अर्निंग्स का सबसे मजबूत दौर है, जो ऊंची इन्फ्लेशन और ऑपरेटिंग कॉस्ट के बीच भी कंपनियों को सहारा दे रहा है।

अब बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय फर्में बढ़ती शिपिंग लागत और इंश्योरेंस प्रीमियम के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं। निवेशकों को अब केवल सस्ते वैल्यूएशन के भरोसे नहीं, बल्कि कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ की निरंतरता पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.