Indian Oil Corporation (IOC) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी ने **₹22,503 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बेहतर रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मार्जिन के दम पर संभव हुआ है।
मुनाफे का गणित और प्रदर्शन
Indian Oil Corporation ने पिछली तिमाहियों के नुकसान के दौर से बाहर निकलते हुए जोरदार वापसी की है। कंपनी के बेहतर नतीजों के पीछे मुख्य वजह रिफाइनिंग मार्जिन में आया सुधार और क्रूड ऑयल की अनुकूल कीमतें हैं। रिफाइनरी नेटवर्क में बढ़ी हुई ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम लाइन को मजबूती दी है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
कंपनी का पूरा फोकस इस समय बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर है। पानीपत, बरौनी और गुजरात में रिफाइनरी क्षमता विस्तार का काम अंतिम चरणों में है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि ये नई यूनिट्स इसी फाइनेंशियल ईयर के अंदर काम करना शुरू कर देंगी। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी और लॉन्ग-टर्म मुनाफे पर कैसा असर पड़ता है।
जोखिम और एक्सपर्ट्स की राय
हालांकि कंपनी ने शानदार रिकवरी की है, लेकिन रिफाइनिंग सेक्टर ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति काफी संवेदनशील बना हुआ है। इसके अलावा, फ्यूल की कीमतों पर सरकारी कंट्रोल और भविष्य में रिफाइनिंग मार्जिन के नॉर्मलाइज होने की चुनौती भी बरकरार है।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 तक कंपनी का 12-महीने का शेयर प्राइस टारगेट लगभग ₹158.84 तय किया गया है। अब निवेशकों की निगाहें रिफाइनरी यूनिट्स के शुरू होने की टाइमलाइन और क्रूड ऑयल के ग्लोबल ट्रेंड पर टिकी हैं।
