Indian Markets: 8 हफ्ते की लगातार गिरावट, 2001 का रिकॉर्ड टूटा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Markets: 8 हफ्ते की लगातार गिरावट, 2001 का रिकॉर्ड टूटा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले **8** हफ्तों से लगातार गिरावट का दौर जारी है, जो साल **2001** के बाद का सबसे लंबा सिलसिला है। बाजार पर **₹3 लाख करोड़** से ज्यादा की विदेशी बिकवाली और कमजोर रुपये का दबाव साफ दिख रहा है, अब सबकी नजरें RBI की आगामी पॉलिसी बैठक पर टिकी हैं।

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए यह दौर काफी मुश्किल भरा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, Nifty 50 22,421.95 पर और Sensex 71,909.70 पर बंद हुआ है। बाजार में भरोसे की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंडेक्स सपोर्ट लेवल को थामने में नाकाम रहे हैं।

बाजार पर चौतरफा दबाव

बिकवाली की मुख्य वजह मैक्रो इकोनॉमिक चुनौतियां हैं। साल 2026 में FIIs ने अब तक ₹3 लाख करोड़ से अधिक की रकम बाजार से निकाली है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया ₹96 के करीब पहुंच गया है, जिससे आयात महंगा हो गया है। साथ ही, ब्रेंट क्रूड ऑयल का $100 प्रति बैरल के करीब बने रहना और US ट्रेजरी यील्ड का 5% से ऊपर होना उभरते बाजारों के लिए भारी पड़ रहा है।

ऑटो सेक्टर में सुस्ती

ऑटो सेक्टर में भी भारी दबाव दिखा है। Bajaj Auto के शेयर में 7% से 9% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसकी वजह सितंबर के कमजोर सेल्स आंकड़े रहे। हालांकि मैनेजमेंट ने इसे सप्लाई-चेन की समस्या बताया है, लेकिन निवेशक कंज्यूमर स्पेंडिंग को लेकर डरे हुए हैं।

RBI की पॉलिसी का इंतजार

अब निवेशकों की निगाहें 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि महंगाई को काबू में रखने के लिए RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% तक ले जा सकता है। अगर केंद्रीय बैंक ने सख्त रुख अपनाया, तो कंपनियों की बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ सकती है, जो बाजार के सेंटीमेंट पर और असर डालेगी।

7 अक्टूबर को आने वाला RBI का नीतिगत बयान इस हफ्ते का सबसे बड़ा ट्रिगर होगा। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनियां बढ़ती लागत और करेंसी की गिरावट के बीच अपना मुनाफा कैसे बचाती हैं। जब तक इंडेक्स प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर स्थिर नहीं होते, सतर्क रहना ही समझदारी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.