Indian Bond Yields: बॉन्ड बाजार में सुस्ती के संकेत, 6.6% से 6.9% के दायरे में सीमित रहेंगे यील्ड

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Bond Yields: बॉन्ड बाजार में सुस्ती के संकेत, 6.6% से 6.9% के दायरे में सीमित रहेंगे यील्ड

Motilal Oswal Private Wealth के अनुसार, 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड **6.6%** से **6.9%** के दायरे में रह सकते हैं। ट्रेडिंग से कमाई के मौके कम होने के चलते, जानकारों ने फिक्स्ड-इनकम पोर्टफोलियो में बदलाव की सलाह दी है।

भारतीय डेट मार्केट में फिलहाल कम वोलेटिलिटी का दौर है। Motilal Oswal Private Wealth की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 6.6% से 6.9% के दायरे में रहने की संभावना है। इस स्थिरता के पीछे सबसे बड़ी वजह Reserve Bank of India का रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखना और न्यूट्रल पॉलिसी स्टैंस है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है चुनौती?\n\nबॉन्ड बाजार में हलचल न होने का सीधा असर ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी पर पड़ता है। आमतौर पर निवेशक यील्ड गिरने पर बॉन्ड बेचकर मुनाफा कमाते हैं, लेकिन यील्ड के एक ही दायरे में रहने से कैपिटल गेन्स की संभावना काफी कम हो गई है।\n\n### अब क्या करें निवेशक?\n\nएक्सपर्ट्स के अनुसार, अब 'एक्रूअल-ओरिएंटेड' (Accrual-oriented) रणनीति अपनाना बेहतर है। इसका मतलब है कि आप मार्केट के उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाने के बजाय, एसेट्स से मिलने वाली फिक्स्ड ब्याज आय (Interest Income) पर फोकस करें। कंपनी ने सलाह दी है कि निवेशक अपने फिक्स्ड-इनकम पोर्टफोलियो का 55% से 60% हिस्सा परफॉर्मिंग क्रेडिट, प्राइवेट क्रेडिट और InvITs में लगा सकते हैं।\n\n### ग्लोबल मार्केट और अन्य विकल्प\n\nदुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग नीतियों (जैसे US Federal Reserve और Bank of Japan) और भू-राजनीतिक तनाव (जैसे US-Iran तनाव) के बीच ये एसेट्स सुरक्षित निवेश का जरिया बन सकते हैं। जहां तक इक्विटी का सवाल है, फर्म ने मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट पर भरोसा जताया है, क्योंकि घरेलू खपत (Domestic Consumption) मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा, गोल्ड में भी केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी के चलते सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.