Indian Bank ने दूसरी तिमाही के दमदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **15%** बढ़कर **₹3,460 करोड़** पहुंच गया है, जिसे नेट इंटरेस्ट इनकम में **18%** की बढ़त का सहारा मिला है।
मुनाफे की रफ्तार और मार्जिन में सुधार
Indian Bank के लिए यह तिमाही काफी बेहतरीन रही है। बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹3,460 करोड़ पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम में 18% का इजाफा है, जो अब ₹7,720 करोड़ हो गई है। इसके अलावा, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी बेहतर होकर 3.31% पर पहुंच गया है, जो इसकी लैंडिंग प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है।
एसेट क्वालिटी और तैयारी
बैंक की एसेट क्वालिटी काफी मजबूत बनी हुई है और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.61% पर स्थिर हैं। भविष्य में आने वाली किसी भी संभावित अस्थिरता से बचने के लिए, बैंक ने ₹1,500 करोड़ का अतिरिक्त फ्लोटिंग प्रोविजन (floating provision) किया है। यह कदम RBI के नए क्रेडिट लॉस अकाउंटिंग फ्रेमवर्क की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
डिपॉजिट और क्रेडिट का समीकरण
बैंक की लोन ग्रोथ 17.5% रही है, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ की रफ्तार 12.5% पर सुस्त बनी हुई है। क्रेडिट और डिपॉजिट के बीच का यह गैप निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इससे लिक्विडिटी और फंडिंग कॉस्ट पर दबाव बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय
Motilal Oswal के एनालिस्ट्स ने बैंक की प्रोविजनिंग स्ट्रैटेजी की तारीफ की है और स्टॉक पर ₹1,025 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो 91% से ऊपर है, जो इसे सेक्टर में काफी सुरक्षित बनाता है। आगे चलकर, बैंक किस तरह से डिपॉजिट ग्रोथ को लोन ग्रोथ के साथ बैलेंस करता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
