Indian Bank ने दूसरी तिमाही के लिए **₹3,460 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से नेट इंटरेस्ट इनकम में **18%** की बढ़त की बदौलत है। बैंक ने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए NSE में अपनी हिस्सेदारी बिक्री से मिले मुनाफे को प्रोविजनिंग में इस्तेमाल किया है।
दमदार नतीजों का सफर
वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Indian Bank ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ₹3,460 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स कमाया है। सालाना आधार पर यह 15% की बढ़ोतरी है। इस ग्रोथ को 18% की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ने बल दिया है, साथ ही बैंक का लोन बुक भी तिमाही दर तिमाही 6% बढ़ा है।
बैलेंस शीट का सुरक्षा कवच
बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को लेकर सतर्कता बरती है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) केवल 14 बेसिस पॉइंट्स पर रहे हैं, जो बैंक के मजबूत लोन रिकवरी पोर्टफोलियो को दर्शाते हैं। बैंक ने National Stock Exchange (NSE) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर मिले मुनाफे में से ₹1,390 करोड़ को क्रेडिट लॉस प्रोविजन के लिए इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही बैंक का कुल प्रोविजन बफर बढ़कर ₹2,500 करोड़ हो गया है और प्रोविजन कवरेज रेशियो 90% के पार निकल गया है।
ब्रोकरेज का नजरिया और रिस्क फैक्टर्स
नतीजों के बाद ICICI Securities ने बैंक के लिए ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 16% कर दिया है और FY27-28 के लिए अर्निंग पर शेयर (EPS) में 4% की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स 1.4% और रिटर्न ऑन इक्विटी 18% से 19% के बीच रहने की उम्मीद है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने कुछ रिस्क की तरफ भी इशारा किया है। एग्रीकल्चर और MSME सेक्टर के लोन पोर्टफोलियो में स्ट्रेस की संभावना बनी हुई है। यदि इन सेक्टरों में आर्थिक हालात या मौसमी कारणों से रिकवरी में समस्या आती है, तो बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर होंगी, जो पिछली तिमाही में 3.31% पर स्थिर रहा था।
