India Shelter Finance Corporation Limited (INDIASHLTR) के लिए एनालिस्टों की राय काफी सकारात्मक दिख रही है। उन्होंने कवरेज की शुरुआत 'Buy' रेटिंग और ₹855 के प्राइस टारगेट के साथ की है। यह उम्मीद कंपनी की मजबूत मार्केट पोजीशन, खासकर दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में स्वरोजगार करने वाले ग्राहकों के लिए हाई-यील्ड (High-Yield) अफोर्डेबल हाउसिंग (Affordable Housing) सेगमेंट पर फोकस के चलते है। इस रणनीति के दम पर कंपनी की AUM (Assets Under Management) ₹9,819 करोड़ तक पहुंच गई है और अगले तीन साल तक इसमें 28-30% सालाना की ग्रोथ का अनुमान है।
अफोर्डेबल हाउसिंग मार्केट में नरमी
हालांकि, इस सेक्टर में कुछ चुनौतियां भी मंडरा रही हैं। अफोर्डेबल हाउसिंग (₹50 लाख से कम कीमत वाले घर) की मांग 2025 में 17% घट गई है, जबकि नए प्रोजेक्ट लॉन्च 28% कम हुए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि खरीदार अब महंगी प्रॉपर्टी की ओर रुख कर रहे हैं, जो सिर्फ कम कीमत वाली संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों के विकास को सीमित कर सकता है। ICRA के अनुसार, अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (AHFC) की AUM ग्रोथ FY26-FY27 में घटकर 19-21% रह सकती है, जो FY25 में 23% थी।
मार्जिन और एसेट क्वालिटी पर पैनी नजर
कंपनी का मार्जिन 6% से ज्यादा रहता है, जो इसके बरोअर मिक्स (Borrower Mix) और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) एक्सपोजर के कारण है। एनालिस्ट 17-19% के RoE (Return on Equity) और 5.5-6% के RoA (Return on Assets) का अनुमान लगा रहे हैं। एसेट क्वालिटी (Asset Quality) फिलहाल स्थिर बनी हुई है, जिसमें स्टेज 3 लोन लगभग 1.5% पर है।
वैल्यूएशन पर सवाल?
India Shelter फिलहाल अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation) पर ट्रेड कर रहा है। मार्च 2026 तक इसका P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो लगभग 17.2 था, जो पीयर मीडियन 10.97 से काफी ज्यादा है। इसी तरह, इसका P/B (Price-to-Book) रेश्यो भी पीयर मीडियन 1.70 से ऊपर, 2.7-2.9 के आसपास है। एनालिस्ट का ₹855 का टारगेट प्राइस, FY27E P/BV के 2.0x के फॉरवर्ड वैल्यूएशन पर आधारित है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी प्रतिस्पर्धा और नियमों को कितनी अच्छी तरह संभालती है।
जोखिमों पर ध्यान
कई कारण सावधानी बरतने का सुझाव देते हैं। 2025 में अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग और नए प्रोजेक्ट्स में आई भारी गिरावट, साथ ही माइक्रोफाइनेंस से ओवरड्यू एसेट्स (Overdue Assets) का बढ़ना भी AHFC सेक्टर के लिए चिंता का विषय है। India Shelter का बड़ा LAP एक्सपोजर, जो मार्जिन के लिए अच्छा है, उसे ऐसे सेगमेंट में रखता है जिस पर एनालिस्ट नजर रखते हैं।
एनालिस्टों का भरोसा बरकरार
बावजूद इसके, ज्यादातर एनालिस्ट आशावादी बने हुए हैं। कई ने सेल्स फोरकास्ट (Sales Forecast) बढ़ाए हैं और 'Buy' या 'Overweight' रेटिंग की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अपनी स्केलेबल ब्रांच मॉडल और कम सेवा वाले बाजार पर फोकस के कारण अच्छी रेवेन्यू और अर्निंग ग्रोथ हासिल कर सकती है।