Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों ने निकाला ₹31 बिलियन का फंड, टूट गया रोटेशन का मिथ

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों ने निकाला ₹31 बिलियन का फंड, टूट गया रोटेशन का मिथ

साल 2026 में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड **$31 बिलियन** की निकासी की है। यह उम्मीद गलत साबित हुई कि एशियाई बाजारों से निकला पैसा भारत आएगा। हालांकि, अब डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने **$75 बिलियन** की खरीदारी कर बाजार को संभाला हुआ है।

यह धारणा कि ईस्ट एशियन टेक्नोलॉजी हब से बाहर निकलने वाला पैसा सीधे भारत की ओर रुख करेगा, अब पूरी तरह बेबुनियाद साबित हो चुकी है। विदेशी निवेशकों ने साल-दर-साल आधार पर भारतीय स्टॉक्स से लगभग $31 बिलियन बाहर निकाले हैं। यह पैसा भारत में फिर से निवेश होने के बजाय ग्लोबल फंड्स द्वारा कैश के रूप में रखा जा रहा है या फिर अलग रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल वाले क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।

वैल्यूएशन और ओनरशिप का गणित

इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह भारतीय स्टॉक्स का 'प्रीमियम वैल्यूएशन' है। Nifty-50 अभी अपने अगले फाइनेंशियल ईयर की प्रोजेक्टेड अर्निंग्स के 18.7 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जिसे एनालिस्ट अन्य इमर्जिंग मार्केट्स की तुलना में काफी महंगा मान रहे हैं। इसी वजह से भारतीय इक्विटी में विदेशी हिस्सेदारी सितंबर 2026 तक घटकर 14.02% पर आ गई है, जो 2011 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स बने असली सहारा

विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार मजबूती के साथ खड़ा है, जिसका पूरा श्रेय डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) को जाता है। 2026 के दौरान घरेलू फंड्स ने $75 बिलियन की खरीदारी कर बाजार को एक मजबूत सहारा (Floor) दिया है। आज के समय में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और पेंशन फ्लो के चलते घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार का सबसे बड़ा इंजन बन चुका है।

आगे की चुनौतियां

विदेशी निवेश की वापसी अब केवल बाजार की चाल पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके लिए निवेशकों को US बॉन्ड यील्ड, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर नजर रखनी होगी। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ते हैं, तो भारत के इंपोर्ट बिल और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा, जिससे विदेशी निवेशकों का रुझान कम हो सकता है। मार्केट को अब कंपनियों से लगातार दमदार तिमाही नतीजों की उम्मीद है, ताकि महंगे वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.