IndiGo के लिए Q2 में मुनाफे की वापसी का अनुमान है, लेकिन फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 6 अक्टूबर 2026 से लागू नए फ्यूल सरचार्ज से कंपनी मार्जिन बचाने की कोशिश कर रही है, जिसके बाद निवेशकों की नजरें अब पैसेंजर डिमांड पर टिकी हैं।
मुनाफे की उम्मीद और चुनौतियां
InterGlobe Aviation (IndiGo) के लिए दूसरी तिमाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹238 करोड़ का नुकसान दर्ज किया था, जिसके बाद ब्रोकरेज हाउसेस अब 176% के साल-दर-साल मुनाफे में उछाल की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, ये अनुमान ईंधन की बढ़ती लागतों की चुनौती से जूझ रहे हैं।
फ्यूल का बढ़ता बोझ
1 अक्टूबर 2026 को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 13.2% की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग ₹137 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस खर्च को कवर करने के लिए कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यात्री बढ़े हुए किराए को स्वीकार करते हैं या डिमांड में गिरावट आती है।
डोमेस्टिक मार्केट का दबदबा और रिस्क
IndiGo का भारतीय डोमेस्टिक एविएशन मार्केट में लगभग 64% का बड़ा शेयर है। लेकिन, एयर ट्रैफिक में आ रही सुस्ती चिंता का विषय है। इसके अलावा, कंपनी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से भी जूझ रही है, क्योंकि लीजिंग और मेंटेनेंस जैसे खर्च विदेशी मुद्रा में होते हैं।
फिलहाल, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी बढ़ती लागत और कम होती डिमांड के बीच अपना 'लोड फैक्टर' कैसे बनाए रखती है।
