ITC के शेयरों में जून महीने में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं, शेयर करीब **6%** चढ़कर **₹290** के स्तर पर आ गए हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स एक संभावित रिवर्सल का इशारा कर रहे हैं, जिससे ब्रोकरेज फर्म Bajaj Broking को **13%** तक की तेजी का अनुमान है।
क्या हुआ है?
ITC लिमिटेड के शेयरों में जून 2026 में रिकवरी के संकेत मिले हैं। कंपनी का शेयर ₹290 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है और इसमें करीब 6% की बढ़त दर्ज की गई है। यह उछाल साल की शुरुआत में आई बड़ी गिरावट के बाद आया है, जहां शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹427 से 25% से ज्यादा टूट गया था। Bajaj Broking के एनालिस्ट्स ने हाल ही में मंथली स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर (एक टेक्निकल टूल जो बताता है कि शेयर 'ओवरसोल्ड' है या 'ओवरबॉट') से 'Buy' सिग्नल मिलने की बात कही है। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर के लिए ₹300 का टारगेट प्राइस दिया है, जो 2017-2020 के बीच देखे गए पैटर्न से मिलता-जुलता है।
क्यों झेलना पड़ा दबाव?
2026 में अधिकतर समय निवेशकों का ITC को लेकर रुख सतर्क रहा। इसका मुख्य कारण फरवरी 2026 में सरकार द्वारा सिगरेट पर टैक्स बढ़ाना था। इस फैसले से सिगरेट के वॉल्यूम और मार्जिन को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई, जिसके चलते शेयर कई महीनों तक गिरावट में रहा। इसके अलावा, बाजार की ओवरऑल वोलेटिलिटी और एफएमसीजी सेगमेंट (जैसे खाने के तेल और गेहूं) के लिए इनपुट कॉस्ट बढ़ने की चिंता ने भी निवेशकों की भावना को प्रभावित किया। जून 2026 के अंत तक, शेयर ₹270–₹290 के प्राइस रेंज में सपोर्ट ढूंढता नजर आया।
फाइनेंशियल तस्वीर
शेयर की हालिया गिरावट के बावजूद, कंपनी का बिजनेस प्रदर्शन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अहम है। मई 2026 में जारी Q4 FY26 नतीजों में ITC का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में करीब 17% बढ़ा था, जिसका श्रेय सिगरेट, एफएमसीजी और पेपरबोर्ड सेगमेंट की स्थिर ग्रोथ को जाता है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में बड़ी गिरावट का मुख्य कारण पिछले साल होटल बिजनेस के डिमर्जर के बाद हुए एक बड़े वन-टाइम गेन का हाई बेस इफेक्ट था। कंपनी कैपिटल एलोकेशन को प्राथमिकता दे रही है और शेयरधारकों को रिटर्न देने का अपना ट्रैक रिकॉर्ड बनाए रखा है, हाल ही में ₹8 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
जोखिम और बाजार की सच्चाई
हालांकि टेक्निकल इंडिकेटर्स रिकवरी का संकेत दे रहे हैं, शेयर बाहरी फैक्टर्स के प्रति संवेदनशील है। मैनेजमेंट का कहना है कि फिलहाल कोई बड़ी इकोनॉमिक स्लोडाउन नहीं दिख रही है, लेकिन ग्लोबल इन्फ्लेशनरी प्रेशर और अल नीनो (El Niño) जैसे मौसम संबंधी चिंताएं, जिनका कृषि पर असर पड़ सकता है, महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, सिगरेट सेगमेंट में अवैध व्यापार का जोखिम भी एनालिस्ट्स के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। निवेशक अक्सर यह देखते हैं कि कंपनी अपने मार्जिन को बचाने के लिए सिगरेट पर टैक्स के दबाव को अपने एफएमसीजी-अदर्स और डिजिटल-फर्स्ट पोर्टफोलियो की ग्रोथ के साथ कैसे संतुलित करती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
आगे चलकर, निवेशकों के लिए इस रिकवरी की सस्टेनेबिलिटी एक अहम फैक्टर होगी। ₹270–₹290 का प्राइस बैंड एक महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट जोन है। प्राइस चार्ट के अलावा, शेयरधारक आने वाली तिमाहियों में सिगरेट वॉल्यूम ग्रोथ पर मैनेजमेंट की टिप्पणी और नॉन-सिगरेट एफएमसीजी बिजनेस में बढ़ते इनपुट कॉस्ट को पास करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखेंगे। कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से जुड़े डेवलपमेंट और कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान्स पर कोई भी अपडेट कंपनी के ग्रोथ पाथ का स्पष्ट संकेत देंगे।
