ITC Share Price: वॉल्यूम में दबाव के बीच HDFC Securities ने दी 'Add' की रेटिंग, जानें क्या है टारगेट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITC Share Price: वॉल्यूम में दबाव के बीच HDFC Securities ने दी 'Add' की रेटिंग, जानें क्या है टारगेट

ITC लिमिटेड के शेयर पर HDFC Securities ने अपनी 'Add' रेटिंग को बरकरार रखा है और **₹300** का टारगेट प्राइस सेट किया है। हालांकि, ब्रोकरेज ने सिगरेट की बिक्री वॉल्यूम में **6%** की गिरावट का अनुमान जताया है।

HDFC Securities ने ITC के बिजनेस को अलग-अलग सेगमेंट में बांटकर वैल्यूएशन निकाला है, जिसमें सिगरेट सेगमेंट को ₹137 प्रति शेयर और FMCG डिवीजन को ₹98 प्रति शेयर की वैल्यू दी गई है। हालांकि कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन असली चुनौती सेल्स वॉल्यूम को रिकवर करने की है।

वॉल्यूम पर दबाव और प्राइसिंग का खेल

कंपनी ने कॉस्ट मैनेज करने के लिए दाम तो बढ़ाए हैं, लेकिन इसका सीधा असर डिमांड पर दिख रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि चालू फाइनेंशियल ईयर में सिगरेट की सेल्स वॉल्यूम में 6% की गिरावट आ सकती है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के पहले नौ महीनों में सेल्स में कमजोरी देखी गई है और फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए भी 3% की गिरावट का अनुमान है।

अवैध व्यापार (Illicit Trade) का रिस्क

कंपनी के सामने केवल इंटरनल स्ट्रेटेजी ही नहीं, बल्कि अनरेगुलेटेड या अवैध टोबैको मार्केट का भी बड़ा रिस्क है। ये अवैध सिगरेट ब्रांड्स लीगल सिगरेट से काफी सस्ते होते हैं, जिससे बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ जाता है और वॉल्यूम ग्रोथ पर असर पड़ता है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

ब्रोकरेज का मानना है कि कीमतों में हुई बढ़ोतरी से फाइनेंशियल ईयर 2027 की चौथी तिमाही तक मार्जिन स्थिर हो सकते हैं। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण होगा यह देखना कि कंज्यूमर डिमांड में सुधार कब आता है। यदि डिमांड में उछाल आता है, तो वॉल्यूम की गिरावट की भरपाई हो सकती है। इसके अलावा, टैक्स पॉलिसी और अवैध व्यापार के खिलाफ सरकारी फैसलों पर भी नजर रखना जरूरी है, क्योंकि ये सीधे कंपनी की मार्केट स्थिति को प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.