ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने ITC के शेयरों को 'Hold' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस घटाकर **₹291** कर दिया है। यह कदम कंपनी के सिगरेट वॉल्यूम में **5%** की गिरावट और FY27 की पहली तिमाही में **27.1%** प्रॉफिट गिरने के बाद आया है। कंपनी एक्साइज ड्यूटी के दबाव से जूझ रही है।
ITC पर ब्रोकरेज का नज़रिया बदला
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने ITC के लिए अपने आउटलुक को 'Hold' में बदल दिया है, और शेयर का टारगेट प्राइस ₹302 से घटाकर ₹291 कर दिया है। यह बदलाव फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद आया है, जो कंपनी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे।
सिगरेट वॉल्यूम में आई भारी गिरावट
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तिमाही में ITC के सिगरेट वॉल्यूम में लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई। एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बोझ को कंपनी ने खुद सहा, जिसके कारण सिगरेट सेगमेंट के EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) में 35.1% की भारी गिरावट आई। इन सब का नतीजा यह हुआ कि कंपनी के कुल PAT (Profit After Tax) में 27.1% की कमी आई।
कमाई का अनुमान और सेगमेंट परफॉर्मेंस
प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने कंपनी के भविष्य के नतीजों को लेकर भी अपने अनुमानों में कटौती की है। FY27 के लिए EPS (Earnings Per Share) अनुमान 15.0% और FY28 के लिए 10.3% कम किया गया है। सिगरेट बिजनेस पर दबाव के बावजूद, कंपनी के अन्य बिजनेस में मिली-जुली स्थिति देखने को मिल रही है। FMCG बिजनेस में लगातार ग्रोथ दिख रही है, हालांकि ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही में मार्जिन पर दबाव की आशंका है, जिसका कारण पश्चिम एशिया में सप्लाई चेन की दिक्कतें हो सकती हैं। दूसरी ओर, पेपर सेगमेंट में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी के संकेत हैं, जिसका मुख्य कारण लकड़ी की लागत में कमी और सरकारी उपाय (जैसे Minimum Import Price - MIP) हैं जो घरेलू उत्पादकों को सस्ते आयात से बचा रहे हैं।
वैल्यूएशन और रिकवरी की उम्मीद
कमाई में हालिया गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट्स का मानना है कि स्टॉक में अब बड़ी वोलेटिलिटी का दौर शायद खत्म हो गया है। 25 दिसंबर 2025 से ITC के शेयर प्राइस में लगभग 30% की भारी गिरावट आई है। वर्तमान वैल्यूएशन, FY28 के लिए 16.7x के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो और 5% के डिविडेंड यील्ड को देखते हुए, कुछ जानकारों का मानना है कि इसमें नीचे जाने का जोखिम सीमित हो सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि पूरे FY27 में कंपनी का प्रॉफिट 13% गिरेगा, जिसके बाद FY28 में 15.2% की रिकवरी की उम्मीद है।
निवेशक अगले दो से तीन तिमाहियों में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ की चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर बारीकी से नज़र रखेंगे। अन्य महत्वपूर्ण कारक होंगे FMCG सेगमेंट का मार्जिन बनाए रखना और पेपर सेगमेंट का प्रदर्शन, खासकर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच। सिगरेट बिजनेस में वॉल्यूम की रिकवरी की गति नज़दीकी भविष्य में कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक मुख्य पैमाना बनी रहेगी।
