AlfAccurate Advisors ने IT सेक्टर में आई हालिया तेजी पर सवाल उठाए हैं। फर्म का मानना है कि यह उछाल वास्तविक अर्निंग्स ग्रोथ को नहीं दर्शाता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे केवल AI से होने वाली कमाई और मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों पर ही भरोसा करें।
IT सेक्टर: क्या तेजी के पीछे दम है?
हाल के दिनों में IT शेयरों में जो उछाल देखा गया है, वह बाजार की उम्मीदों और कंपनियों के असली प्रॉफिट (Profit) के बीच एक बड़ा गैप पैदा कर रहा है। AlfAccurate Advisors के राजेश कोठारी का मानना है कि यह रैली केवल बाजार के मूड पर आधारित हो सकती है, न कि मजबूत नतीजों पर। कंपनियों के लिए चुनौती यह है कि वे यह साबित करें कि नई डील्स और AI पहल से वाकई कैश आ रहा है या नहीं। बड़ी मुश्किल यह है कि AI के आने से आईटी फर्मों के पुराने 'बिलिंग मॉडल' को भी खतरा है, जिससे उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
बैंक और कंजम्पशन स्टॉक्स की स्थिति
आईटी की अनिश्चितता के बीच, बैंकिंग सेक्टर कहीं ज्यादा मजबूत दिख रहा है। बैंकों की लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया है। आने वाले 6 महीनों में इन बैंकों के प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखना समझदारी होगी।
वहीँ कंजम्पशन सेक्टर में अब कंपनियों का फोकस कीमतों को बढ़ाने के बजाय 'वॉल्यूम ग्रोथ' पर होना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटेल लोन और टू-व्हीलर जैसे सेक्टर में जो मांग दिख रही है, वह कितनी टिकाऊ है, इसकी जांच करना जरूरी है।
ग्लोबल रिस्क का साया
भारतीय बाजार पर अभी भी ग्लोबल फैक्टर्स का असर है। खास तौर पर अमेरिका की ब्याज दरें (US Interest Rates) और बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) में बदलाव सीधे तौर पर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट के लिए रिस्क पैदा कर रहे हैं। आने वाले कुछ महीने निवेशकों के लिए काफी अहम साबित होंगे।
