IIFL Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम **₹2,160 करोड़** पहुंच गई है, जबकि मैनेजमेंट ने इस साल एसेट ग्रोथ का टारगेट **25%** रखा है।
मुनाफे में कैसे आई तेजी?
कंपनी ने शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी दिखाई है। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग खर्चा केवल 13% बढ़ा, जो कि रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में काफी कम है। इसका सीधा असर कंपनी के कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो पर पड़ा है, जो पिछले साल के 45.2% से गिरकर अब 42.1% पर आ गया है। इसके अलावा, कंपनी का एनुअलाइज्ड क्रेडिट कॉस्ट पिछले साल के 3.4% से घटकर 1.4% रह गया है, जो एसेट क्वालिटी में सुधार का संकेत है।
भविष्य की रणनीति (Management Vision)
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एसेट अंडर मैनेजमेंट में 25% सालाना बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब अपनी कुल पोर्टफोलियो का लगभग 40% हिस्सा 'ऑफ-बुक लोन एसेट्स' से जुटाने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी को लॉन्ग-टर्म रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को 18% से 20% के बीच बनाए रखने में मदद मिलेगी।
गोल्ड लोन का क्या है हाल?
निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की पुरानी पाबंदियों के बाद अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को कैसे पटरी पर लाती है। हालांकि प्रतिबंध हट चुके हैं, लेकिन अब कंपनी अपना खोया हुआ मार्केट शेयर वापस पाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। आगामी तिमाही के नतीजों में लोन बुक की ग्रोथ और को-लेंडिंग स्ट्रेटेजी की प्रोग्रेस ही आगे की दिशा तय करेगी।
