नतीजों का लेखा-जोखा
IIFL Finance के Q4 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट टैक्स के बाद ₹623.26 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 148% का भारी इजाफा दर्शाता है।
कुल इनकम (Total Income) में भी 51% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,090 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी की लोन बुक (Loan Book) में 42.5% की ग्रोथ और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में तेज विस्तार के चलते इंटरेस्ट इनकम (Interest Income) भी बढ़ी है।
गोल्ड लोन में तूफानी तेजी
IIFL Finance के AUM में खास तौर पर गोल्ड लोन पोर्टफोलियो (Gold Loan Portfolio) की अहम भूमिका रही। यह ₹52,581 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 150% ज्यादा और पिछली तिमाही से 21% ज्यादा है।
इस शानदार प्रदर्शन के दम पर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने IIFL Finance पर BUY रेटिंग को बरकरार रखा है। उन्होंने कंपनी के अर्निंग पर शेयर (EPS) के अनुमान को करीब 6% बढ़ाया है और टारगेट प्राइस ₹600 तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि असाइनमेंट (Assignments) और को-लेंडिंग (Co-lending) से होने वाली अन्य इनकम (Other Income) और AUM ग्रोथ के बेहतर अनुमान इस तेजी के मुख्य कारण बनेंगे। अप्रैल 2026 के आखिर में IIFL Finance के शेयर करीब ₹447 पर ट्रेड कर रहे थे।
वैल्यूएशन और सेक्टर का मुकाबला
IIFL Finance का मार्केट वैल्यूएशन (Market Valuation) देखने पर यह NBFC सेक्टर के मुकाबले आकर्षक नजर आ सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) पीई रेशियो (P/E Ratio) 10.46x से 11.4x के बीच है।
Motilal Oswal के अनुमान के मुताबिक, FY27E के लिए फॉरवर्ड पीई करीब 8x रहने का अनुमान है। यह 29.9x से 32.3x पर ट्रेड कर रहे Bajaj Finance जैसे पीयर्स (Peers) के मुकाबले काफी कम है। NBFC सेक्टर की AUM मार्च 2027 तक ₹50 लाख करोड़ के पार जाने की उम्मीद है, जिसमें रिटेल लेंडिंग ग्रोथ 16-18% रहने का अनुमान है। IIFL का क्रेडिट ग्रोथ बैंकों से बेहतर रहा है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) तिमाही-दर-तिमाही थोड़ा घटकर 6.7% पर आ गया, लेकिन यह सेक्टर के औसत 6.6% के आसपास स्थिर है।
कंसंट्रेशन रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां
मजबूत नतीजों और एनालिस्ट्स के सकारात्मक रुख के बावजूद, IIFL Finance के लिए कुछ बड़े जोखिम भी बने हुए हैं। कंपनी का गोल्ड लोन पर भारी निर्भरता (जो AUM का एक बड़ा हिस्सा है) कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) पैदा करती है और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर हो सकता है।
IIFL Finance को RBI से शुरुआती 2024 में कंप्लायंस मुद्दों के कारण गोल्ड लोन बांटने पर अस्थायी बैन का सामना करना पड़ा था, हालांकि अब ये पाबंदियां हट गई हैं। आयकर विभाग (Income Tax Department) जैसी संस्थाओं द्वारा चल रही ऑडिट भी परिचालन पर असर डाल सकती हैं।
आगे का रास्ता और मार्केट सिग्नल
FY27 के लिए IIFL Finance ने AUM में आक्रामक विस्तार की योजना बनाई है, जिसके लिए कंपनी ₹10,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी भी मिल चुकी है। एनालिस्ट्स FY27E के लिए 8x के फॉरवर्ड पीई, FY28E के लिए 2.7% RoA और 18% RoE का अनुमान लगा रहे हैं।
एनालिस्ट्स की आम सहमति 'स्ट्रांग बाय' (Strong Buy) बनी हुई है, जिनका एवरेज 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹620 से ₹707.50 के बीच है, जो पोटेंशियल अपसाइड दिखा रहा है। इसके बावजूद, हाल के टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) में बियरिश सिग्नल (Bearish Signals) दिख रहे हैं, और साल-दर-तारीख के प्रदर्शन में बाजार की बढ़त से यह पिछड़ रहा है, जो फंडामेंटल सुधार और मार्केट वैल्यूएशन के बीच डिस्कनेक्ट का संकेत देता है।
