ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Indian Energy Exchange के लिए अपना टारगेट प्राइस घटाकर **₹112** कर दिया है। पहले यह **₹135** था। इस कटौती के पीछे REC मार्केट में धीमी ग्रोथ और रेगुलेटरी बदलावों में देरी मुख्य कारण हैं।
टारगेट में कटौती की वजह
Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए अपना टारगेट प्राइस ₹135 से घटाकर ₹112 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (REC) सेगमेंट में ग्रोथ काफी सुस्त बनी हुई है, साथ ही सरकार के महत्वाकांक्षी 'मार्केट कपलिंग' प्रोजेक्ट में हो रही देरी भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल परफॉरमेंस
दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹132.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 9% ज्यादा है। बिजली ट्रेडिंग वॉल्यूम में 12.7% की अच्छी बढ़त दिखी है और यह 39.7 बिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है, जिसमें करीब ₹1,200 करोड़ का कैश उपलब्ध है। मैनेजमेंट इस राशि का इस्तेमाल शेयर बायबैक जैसे कार्यों के लिए करने पर भी विचार कर रहा है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
पावर एक्सचेंज सेक्टर के लिए सबसे बड़ी अनिश्चितता 'मार्केट कपलिंग' है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) की तरफ से अभी तक अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इसे लागू होने में अभी 18 से 24 महीने का वक्त लग सकता है। इसके अलावा, रियल-टाइम मार्केट में 'गेट क्लोजर' समय को 50 मिनट करने जैसे बदलाव भी तकनीकी चुनौतियां पेश कर सकते हैं।
IGX में हिस्सेदारी घटाने की योजना
IEX अपनी स्ट्रैटेजिक योजना के तहत Indian Gas Exchange (IGX) में अपनी हिस्सेदारी को 47.3% से घटाकर 25% पर लाने की तैयारी में है। यह लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पूरा करना है। बाजार की नजर इस स्टेक सेल और भविष्य में होने वाले IGX के IPO पर टिकी है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉक करने का बड़ा मौका हो सकता है।
