ICICI Securities ने Orkla India पर "Buy" रेटिंग और **₹800** का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Q1FY27 में कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार हुआ है, खासकर स्पाइस और कन्वीनियंस फूड ब्रांड्स की वजह से। हालांकि, निवेशकों को बढ़ती इनपुट लागत और चल रहे बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग के कारण मार्जिन पर पड़े दबाव पर भी ध्यान देना होगा।
Orkla India पर "Buy" रेटिंग
ICICI Securities ने कंज्यूमर गुड्स कंपनी Orkla India, जो MTR और Eastern जैसे ब्रांड्स के लिए जानी जाती है, पर "Buy" रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹800 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो कंपनी की सस्टेनेबल रेवेन्यू ग्रोथ की ओर बढ़े कदम को दर्शाता है।
Q1FY27 में रेवेन्यू में 10.4% की ग्रोथ
आपको बता दें कि Norway-based Orkla ASA की 75% हिस्सेदारी वाली Orkla India ने Q1FY27 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 10.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कि ₹6.6 बिलियन रहा। यह लगातार 8 तिमाहियों में पहली बार है जब कंपनी ने डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है। ब्रोकरेज ने इस रिकवरी का श्रेय मुख्य रूप से स्पाइसेस और कन्वीनियंस फूड जैसे कोर सेगमेंट्स में मजबूत सेल्स मोमेंटम को दिया है। इसके अलावा, डिजिटल कॉमर्स सेल्स में 38.1% और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) मार्केट्स में 18.1% की ग्रोथ भी इस परफॉरमेंस में शामिल है।
मार्जिन पर दबाव का कारण?
रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, ब्रोकरेज रिपोर्ट ने प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर कुछ चिंताएं भी जताई हैं। इस तिमाही में Orkla India के ग्रॉस मार्जिन में 125 बेसिस पॉइंट्स का संकुचन देखा गया। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं: पहला, कच्चे माल की बढ़ती लागत, खासकर स्पाइसेस के लिए, और दूसरा, स्ट्रैटेजिक खर्चों में बढ़ोतरी। कंपनी वर्तमान में केरल में अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है और "Project Bolt" में निवेश कर रही है, जिसका लक्ष्य लॉन्ग-टर्म एफिशिएंसी और मार्केट रीच को बेहतर बनाना है।
आगे क्या उम्मीद?
ICICI Securities का मानना है कि इस रीस्ट्रक्चरिंग, ऑपरेटिंग लेवरेज और डिजिटल चैनलों में ग्रोथ से FY27 और FY28 में कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, शॉर्ट-टर्म अर्निंग अनुमानों में 3% से 5% तक की गिरावट के बावजूद, ब्रोकरेज FY26 और FY28 के बीच रेवेन्यू में 9.5% और आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट में 11.5% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगा रहा है।
ब्रोकरेज की वैल्यूएशन में मार्च 2028 के अनुमानित प्रति शेयर आय (EPS) पर 30x का प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल शामिल है। निवेशकों के लिए, कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन स्ट्रैटेजिक निवेशों और हेल्दी प्रॉफिट मार्जिन को कैसे संतुलित करती है।
भविष्य में, केरल में डिस्ट्रीब्यूशन विस्तार की सफलता और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता को मैनेज करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी होगी। यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी ब्रांडेड फूड सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी मोमेंटम बनाए रखने के लिए इन नए चैनलों में लगातार रेवेन्यू ग्रोथ हासिल कर पाती है।
