ICICI Securities ने South Indian Bank के लिए अपने टारगेट प्राइस को बढ़ाकर **₹63** कर दिया है। बैंक के गोल्ड और MSME लोन पोर्टफोलियो में शानदार ग्रोथ और मैनेजमेंट में स्थिरता को देखते हुए यह अपग्रेड दिया गया है।
ICICI Securities ने हालिया परफॉर्मेंस के आधार पर South Indian Bank के वैल्युएशन आउटलुक में बदलाव किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक के गोल्ड लोन और MSME क्रेडिट पोर्टफोलियो की मांग बहुत मजबूत है, जिसकी वजह से बैंक की लोन बुक बैंकिंग इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से कहीं तेज बढ़ रही है।
लीडरशिप और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
बैंक के मौजूदा MD और CEO, महेश पाई (Mahesh Pai) की लीडरशिप में बैंक एक नए दौर में है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मैनेजमेंट में बदलाव के बावजूद बैंक की नींव काफी स्थिर नजर आ रही है। बैंक ने दूसरी तिमाही में 1.12% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) दर्ज किया है, जो इसकी वर्किंग एफिशिएंसी को दिखाता है। बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है और नेट NPA अपने निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। मैनेजमेंट ने अपनी लोन बुक के लिए 15% से 16% तक की ग्रोथ गाइडेंस दी है।
बिजनेस रिस्क और चुनौतियां
बैंक की ग्रोथ गोल्ड और MSME लेंडिंग पर टिकी है, जो सीधे तौर पर इकोनॉमी की स्थिति से जुड़े हुए हैं। गोल्ड लोन तो सुरक्षित माना जाता है, लेकिन MSME लोन इकोनॉमिक स्लोडाउन के समय संवेदनशील हो सकते हैं। इसके अलावा, प्राइवेट बैंकों के बीच डिपॉजिट जुटाने की रेस काफी तेज है। बैंक को अपने कॉस्ट ऑफ फंड्स को मैनेज करने के साथ ही नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी।
आगे की राह
बैंक के फॉरवर्ड वैल्युएशन को अब इसके एक्सपेक्टेड रिटर्न ऑन एसेट्स के 1.15 गुना पर एडजस्ट किया गया है, जिसके बाद टारगेट प्राइस ₹45 से बढ़ाकर ₹63 कर दिया गया है। शेयरधारकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि बैंक लोन ग्रोथ की रणनीति पर कैसे अमल करता है और नए मैनेजमेंट में ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे बरकरार रखता है।
