ICICI Securities ने Oil India के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹600** कर दिया है। कंपनी के प्रोडक्शन और रिफाइनरी विस्तार योजनाओं के चलते ब्रोकरेज ने शेयर पर भरोसा जताया है।
ब्रोकरेज ने क्यों बढ़ाया भरोसा?
ICICI Securities ने Oil India के लिए अपना टारगेट प्राइस पहले के ₹545 से बढ़ाकर ₹600 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी आने वाले सालों में अपनी प्रोडक्शन क्षमता को बेहतर करेगी, जिससे नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी Numaligarh Refinery Limited (NRL) के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है, जो कंपनी की भविष्य की कमाई का सबसे बड़ा इंजन साबित होगा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2029 के बीच कंपनी की प्रति शेयर कमाई (EPS) 25% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ सकती है।
वैल्युएशन और डिविडेंड का गणित
फिलहाल यह शेयर अपने फाइनेंशियल ईयर 2029 की अनुमानित कमाई के 6 गुना (6x) पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी का डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। ध्यान दें कि 4 सितंबर, 2026 को शेयर की एक्स-डिविडेंड तारीख है, जो इस स्टॉक को एनर्जी सेक्टर में एक पसंदीदा विकल्प बनाती है।
क्या हैं निवेश के जोखिम?
ब्रोकरेज ने निवेशकों को कुछ सावधानियां भी बरतने की सलाह दी है:
- रेगुलेटरी रिस्क: अगर सरकार महंगाई को काबू में रखने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों पर कोई कैप लगाती है, तो सीधे तौर पर कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ेगा।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: कंपनी की ग्रोथ पूरी तरह से Numaligarh Refinery के समय पर पूरा होने पर निर्भर है। यदि निर्माण में देरी या लागत बढ़ती है, तो उम्मीद से कम मुनाफा हो सकता है।
- कमोडिटी वोलेटिलिटी: चूंकि कंपनी की रेवेन्यू ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों से जुड़ी है, इसलिए इंटरनेशनल मार्केट में उतार-चढ़ाव कंपनी के रिफाइनिंग मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
