Akums Drugs के शानदार Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने स्टॉक पर भरोसा जताया है। कंपनी के CDMO सेगमेंट में आई **38.6%** की उछाल और आने वाले समय में जाम्बिया और यूरोप में विस्तार की योजनाओं ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
कंपनी ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। Akums Drugs का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 31.9% बढ़कर ₹1,342 करोड़ पहुंच गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट 168% उछलकर ₹115 करोड़ पर आ गया है। कंपनी के मुख्य कारोबार यानी CDMO सेगमेंट का रेवेन्यू 38.6% बढ़ा है, जो कुल रेवेन्यू में 83% का योगदान देता है। बेहतर प्रोडक्ट प्राइसिंग और वॉल्यूम ग्रोथ के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 14.5% हो गया है।
ग्लोबल विस्तार का रोडमैप
कंपनी अब अपनी पकड़ विदेशी बाजारों में मजबूत कर रही है:
- जाम्बिया: फाइनेंशियल ईयर 2028 की पहली तिमाही में कामकाज शुरू होगा, जिससे $25 मिलियन की सेल्स का अनुमान है।
- यूरोप: फाइनेंशियल ईयर 2028 की अंतिम तिमाही से सप्लाई शुरू होगी, जिससे सालाना €35 मिलियन का रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
- API सेगमेंट: कंपनी का लक्ष्य अगले 3 से 4 क्वार्टर में अपने API बिजनेस को ब्रेक-ईवन तक ले जाना है।
रिस्क फैक्टर
निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए। रॉ मटीरियल की कीमतों में अस्थिरता मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, नए बाजारों में काम शुरू करने से जुड़े 'एग्जीक्यूशन रिस्क' और API सेगमेंट में ब्रेक-ईवन का लक्ष्य हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
