ICICI Securities ने Archean Chemical Industries के लिए **₹640** का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी का सेमीकंडक्टर सेक्टर में कदम रखना भविष्य के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर माना जा रहा है, हालांकि मार्जिन पर दबाव और प्रमोटर शेयर प्लेजिंग जैसे जोखिमों पर भी नजर रखना जरूरी है।
बड़ा दांव: केमिकल से सेमीकंडक्टर तक का सफर
ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities ने Archean Chemical पर 'Buy' रेटिंग दी है, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से शेयर में 35% तक की बढ़त देखी जा सकती है। यह सकारात्मक रुख मुख्य रूप से कंपनी के उस बड़े बदलाव से प्रेरित है, जिसमें वह अपने पारंपरिक स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस से हटकर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में कदम रख रही है।
इस रणनीति का केंद्र कंपनी की सब्सिडियरी SiCSem है, जो ओडिशा के भुवनेश्वर में ₹2,067 करोड़ की लागत से एक इंटीग्रेटेड सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) फैसिलिटी तैयार कर रही है। मई 2026 में कंपनी ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के साथ एक फिस्कल सपोर्ट एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे देश में चिप्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करने में मदद मिलेगी।
मार्जिन और मुनाफे की चुनौतियां
सेमीकंडक्टर का सपना अपनी जगह है, लेकिन मौजूदा स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस दबाव में दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹315.93 करोड़ रहा है। लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत और ब्रोमीन व इंडस्ट्रियल साल्ट की कीमतों में अस्थिरता के कारण मुनाफे पर असर पड़ा है। अब बाजार की नजर ब्रोमीन प्रोडक्शन वॉल्यूम के रिकवरी पर है, जिससे मार्जिन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
निवेशकों को कंपनी के स्ट्रक्चरल रिस्क पर भी ध्यान देना होगा। जून 2026 तक प्रमोटर होल्डिंग का 24.49% हिस्सा गिरवी (pledged) था, जो मार्केट में उतार-चढ़ाव के समय चिंता बढ़ा सकता है। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है। किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की तरह, इसमें कॉस्ट ओवररन और लंबे समय तक प्रोडक्शन क्षमता हासिल करने जैसे एग्जीक्यूशन रिस्क बने हुए हैं। फिलहाल, भुवनेश्वर फैसिलिटी की प्रगति और प्रमोटर प्लेजिंग पर अपडेट्स पर नजर रखना निवेशकों के लिए सबसे जरूरी होगा।
