IT दिग्गज Wipro के निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह है। ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने स्टॉक पर 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है। नई डील बुकिंग में **38%** की भारी गिरावट और सुस्त रेवेन्यू ग्रोथ ने ब्रोकरेज की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने IT दिग्गज Wipro पर अपना भरोसा नहीं जताया है और 'Reduce' रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी के मौजूदा परफॉर्मेंस को देखते हुए ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹154 का टारगेट प्राइस तय किया है। आम तौर पर 'Reduce' रेटिंग का मतलब है कि ब्रोकरेज को स्टॉक के अपने सेक्टर के अन्य शेयरों के मुकाबले कमजोर रहने की आशंका है।
क्यों सतर्क है ब्रोकरेज?
यह सतर्कता कंपनी के हालिया फाइनेंशियल अपडेट्स के बाद बढ़ी है। चालू फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही के लिए कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को -1.5% से +0.5% के बीच रखा है, जो काफी कंजर्वेटिव है। इसके अलावा, साल की पहली छमाही में नई डील बुकिंग में 38% की बड़ी गिरावट देखी गई है, जो भविष्य की कमाई पर दबाव का संकेत है।
क्या मैनेजमेंट की उम्मीदें पूरी होंगी?
Wipro का मैनेजमेंट चौथी तिमाही में रिकवरी की उम्मीद जता रहा है। उनका तर्क है कि जिन डील्स में देरी हुई थी, वे अब शुरू होने वाली हैं। हालांकि, ICICI Securities के एनालिस्ट्स इस टाइमलाइन को लेकर थोड़े संशय में हैं। उनका मानना है कि सिर्फ अटकी हुई डील्स के भरोसे रेवेन्यू नहीं बढ़ेगा, बल्कि अलग-अलग इंडस्ट्रीज में लगातार ग्रोथ की जरूरत है।
वैल्यूएशन का गणित
ब्रोकरेज ने इस टारगेट प्राइस तक पहुंचने के लिए अपने फाइनेंशियल मॉडल को अपडेट किया है। इसमें 11x का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल इस्तेमाल किया गया है और अर्निंग पर शेयर (EPS) का अनुमान ₹14 रखा गया है। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी अपनी पाइपलाइन में मौजूद डील्स को कितनी तेजी से असली रेवेन्यू में बदल पाती है।
