Eternal Share: ब्रोकरेज का भरोसा कायम! ₹360 के टारगेट के साथ ICICI Securities ने दी 'Buy' रेटिंग

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AuthorAditya Rao|Published at:
Eternal Share: ब्रोकरेज का भरोसा कायम! ₹360 के टारगेट के साथ ICICI Securities ने दी 'Buy' रेटिंग

ICICI Securities ने Eternal पर अपना 'Buy' रेटिंग और ₹360 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के क्रेडिट कार्ड बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ और क्वालिटी सर्कल सेगमेंट में विस्तार को इसका मुख्य कारण बताया है।

Detailed Coverage

मजबूत नतीजों पर ब्रोकरेज का भरोसा

ICICI Securities ने Eternal पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ₹360 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दोहराई है। यह सलाह कंपनी के हालिया प्रदर्शन, खासकर क्रेडिट कार्ड और रिटेल सेगमेंट में शानदार नतीजों पर आधारित है। ब्रोकरेज के अनुसार, क्रेडिट कार्ड बिज़नेस में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसे कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

रिटेल और 'गोइंग आउट' सेगमेंट में रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ

कंपनी के रिटेल डिविजन, विशेष रूप से क्वालिटी सर्कल सेगमेंट में, पहली तिमाही के दौरान साल-दर-साल 86.2% की ग्रोथ देखी गई। इस प्रदर्शन को बड़े शहरों में उत्पादों की विविधता बढ़ाने और टियर-2 शहरों में लगभग 200 नए स्टोर जोड़ने की रणनीति से बल मिला। इसके अलावा, 'गोइंग आउट' सेगमेंट में 60% की साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की गई, जो पहले के 30-40% के ट्रेंड से काफी ऊपर है।

1P मॉडल से कार्यशील पूंजी (Working Capital) में कमी

निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात कंपनी का 1-प्लेटफॉर्म (1P) मॉडल में ट्रांज़िशन है। मैनेजमेंट का कहना है कि इस बदलाव और इन्वेंट्री पर कड़े नियंत्रण से कार्यशील पूंजी की ज़रूरतें सफलतापूर्वक कम हुई हैं। कम कार्यशील पूंजी का मतलब है कि कंपनी के पास अधिक नकदी उपलब्ध होगी, जो वित्तीय लचीलेपन के लिए अच्छा है। इन परिचालन बदलावों और सप्लाई चेन प्रक्रियाओं के अनुकूलन से भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन को सहारा मिलने की उम्मीद है।

लॉयल्टी पर ब्रोकरेज की नज़र

हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने ग्राहकों की लॉयल्टी पर एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया है। उनका मानना है कि क्वालिटी सर्कल फॉर्मेट में आक्रामक डिस्काउंटिंग के कारण जो नए ग्राहक जुड़ रहे हैं, वे जरूरी नहीं कि लंबे समय तक ब्रांड के प्रति वफादार रहें। ऐसे में, केवल डिस्काउंट पर निर्भर हुए बिना इन ग्राहकों को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता उसकी निरंतर सफलता के लिए अहम होगी।

भविष्य में, निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी क्रेडिट कार्ड और रिटेल सेगमेंट में अपनी वर्तमान ग्रोथ को बनाए रख पाती है। 1P मॉडल का भविष्य के तिमाही मार्जिन और कैश फ्लो पर क्या असर होता है, इस पर नज़र रखना भी ज़रूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.