ICICI Securities ने Lemon Tree Hotels पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को ₹151 कर दिया है। होटल चेन ने Q1FY27 में रेवेन्यू में **9%** की बढ़त दर्ज की है, हालांकि प्रॉफिट मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा है। निवेशक कंपनी के दो अलग एंटिटी में डीमर्जर की योजनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जिससे वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है।
ICICI Securities का भरोसा बरकरार
ICICI Securities फिलहाल Lemon Tree Hotels को लेकर पॉजिटिव नजर आ रही है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर अपनी 'Buy' रेटिंग को फिर से दोहराया है। हालांकि, उन्होंने अपने टारगेट प्राइस को पिछले ₹156 से थोड़ा घटाकर ₹151 कर दिया है। यह मामूली बदलाव कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए अनुमानित EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortization) में 2-3% की कटौती के बाद आया है।
Q1FY27 के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, मार्जिन पर दबाव
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, Lemon Tree Hotels ने ₹3.47 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9% अधिक है। लेकिन, कंपनी ने नेट प्रॉफिट में सीक्वेंशियल गिरावट का सामना किया। ब्रोकरेज का मानना है कि पहली तिमाही में कंपनी ने ज्यादा कीमतों की आक्रामक कोशिश करने के बजाय होटल रूम की ऑक्यूपेंसी (Occupancy) को उच्च रखने को प्राथमिकता दी। जुलाई 2026 के शुरुआती आंकड़े एक बेहतर ट्रेंड का संकेत दे रहे हैं, जिसमें एवरेज रूम रेट्स (Average Room Rates) में सुधार देखा गया है।
डीमर्जर और Warburg Pincus का निवेश
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण कंपनी का आगामी डीमर्जर (Demerger) है। कंपनी अपनी बिजनेस को दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटी में बांटने की योजना बना रही है। पहला, एक एसेट-लाइट मैनेजमेंट कंपनी होगी जो ब्रांडिंग और ऑपरेशंस पर फोकस करेगी, जिसका लक्ष्य 70% से 75% तक स्थिर प्रॉफिट मार्जिन हासिल करना है। दूसरी एंटिटी, Fleur Hotels, एक ग्रोथ-ओरिएंटेड प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी जो होटल एसेट्स के मालिकाना हक पर केंद्रित होगी। इस स्ट्रेटेजिक स्प्लिट को Warburg Pincus से ₹960 करोड़ का निवेश सपोर्ट कर रहा है, जिसका इस्तेमाल ओनरशिप-फोकस्ड एंटिटी की विस्तार योजनाओं के लिए किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
जहां लॉन्ग-टर्म रणनीति विस्तार पर केंद्रित है, वहीं निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। फिलहाल प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है, जिसके मुख्य कारण होटल रेनोवेशन से जुड़े बढ़ते खर्चे, टेक्नोलॉजी पर ज्यादा खर्च और GST का असर हैं। इसके अलावा, इंडस्ट्री से जुड़े व्यापक जोखिम भी हैं, जैसे भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) जो ट्रैवल डिमांड को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, डीमर्जर प्रक्रिया में संभावित देरी भी हो सकती है, जिसे पूरा होने में 12 से 18 महीने लग सकते हैं। होटल इंडस्ट्री में सीज़नैलिटी (Seasonality) भी एक ऐसा फैक्टर है जो तिमाही प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अगला कदम डीमर्जर की प्रगति पर नजर रखना होगा, क्योंकि यह कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। मार्केट वॉचर्स (Market Watchers) यह भी ट्रैक करेंगे कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने रेनोवेशन खर्चों का प्रबंधन कितनी सफलतापूर्वक कर पाती है और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार ला पाती है या नहीं।
