ICICI Securities ने DOMS Industries पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,600 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी की 19.2% रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी है, लेकिन मुनाफे पर कुछ दबाव दिख रहा है। निवेशक कच्चे माल की लागत और नई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी पर नजर रखेंगे।
रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव का संतुलन
ICICI Securities ने DOMS Industries पर अपनी 'Buy' रिकमेन्डेशन को बरकरार रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹2,600 तय किया है। यह रिपोर्ट कंपनी के 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजों के बाद आई है। ब्रोकरेज की राय कंपनी की मजबूत टॉपलाइन परफॉर्मेंस और मुनाफे को प्रभावित करने वाली मौजूदा चुनौतियों के बीच एक संतुलन दिखाती है।
DOMS Industries ने इस तिमाही में पिछले साल की तुलना में 19.2% की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो ₹670.5 करोड़ रही। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण 'बैक-टू-स्कूल' सीजन की मजबूत मांग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार रहा। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 23.4% घटकर ₹45.3 करोड़ रह गया।
मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से मार्जिन में आई कमी के कारण हुई है। EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान तिमाही के 17.6% से घटकर 12.3% रह गया। ब्रोकरेज के अनुसार, यह दबाव मुख्य रूप से बाहरी कारकों के कारण है, जिसमें ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों से कच्चे माल की लागत में वृद्धि शामिल है। कंपनी के अंदरूनी खर्चों में भी वृद्धि देखी गई, जैसे कि कर्मचारी हायरिंग, चैनल पार्टनर्स को सपोर्ट और हालिया निवेशों से डेप्रिसिएशन (depreciation) में बढ़ोतरी।
स्ट्रैटेजिक विस्तार और रेनॉल्ड्स का इंटीग्रेशन
मार्जिन पर दबाव के बावजूद, मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 18%–20% की रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को बरकरार रखा है, जो घरेलू बाजार की मांग के प्रति आत्मविश्वास दर्शाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि मार्जिन की मौजूदा समस्याएं अस्थायी हैं और कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के लाभ से इनमें सुधार की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात कंपनी की बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजना की स्थिति है। 50 एकड़ की इस नई सुविधा का पहला चरण FY27 की दूसरी तिमाही के अंत तक चालू होने की उम्मीद है, जिससे प्रोडक्शन एफिशिएंसी (efficiency) बढ़ेगी। इसके अलावा, रेनॉल्ड्स (Reynolds) ब्रांड का सफल इंटीग्रेशन भी एक स्ट्रैटेजिक फोकस बना हुआ है, क्योंकि कंपनी प्रीमियम ऑफिस सप्लाई सेगमेंट में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है।
इन पहलों का अंतिम लाभ कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे कि कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की सफल स्केलिंग (scaling) और प्रतिस्पर्धी स्टेशनरी बाजार में प्राइसिंग पावर (pricing power) बनाए रखने की क्षमता। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी की गति और मांग के रुझानों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए।
