ICICI Securities ने UTI Asset Management Company (UTI AMC) पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर के लिए **₹992** का टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज फर्म कंपनी के अनुशासित खर्च प्रबंधन से काफी प्रभावित है, हालांकि उन्होंने गिरते मार्केट शेयर और सब्सिडियरी यूनिट्स के घाटे को लेकर चिंता भी जाहिर की है।
खर्चों पर लगाम से कंपनी को सहारा
ब्रोकरेज की पॉजिटिव राय के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी का ऑपरेशनल खर्चों को कंट्रोल में रखना है। FY22 से FY26 के बीच, कंपनी ने अपने स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग खर्चों की सालाना वृद्धि दर को लगभग 5.9% पर सीमित रखा है, जिसमें VRS जैसे विशेष खर्चों को एडजस्ट किया गया है। यह अनुशासन बताता है कि कठिन बाजार स्थितियों के बावजूद कंपनी अपने मार्जिन को बचाने की कोशिश कर रही है।
ये हैं निवेशकों के लिए बड़े रिस्क
रिपोर्ट में कुछ ऐसे मोर्चे हैं जहाँ कंपनी को कड़ी चुनौती मिल रही है। FY27 की दूसरी तिमाही में UTI AMC के इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 6 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। इसके अलावा, SIP और STP से होने वाले इनफ्लो में भी 3 बेसिस पॉइंट्स की कमी देखी गई है, जो म्यूचुअल फंड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रिटेल निवेशकों को आकर्षित करने में आती मुश्किलों को दर्शाता है।
इसके साथ ही, कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों का प्रदर्शन भी दबाव में है। FY26 में जहाँ इन यूनिट्स ने ₹9.2 करोड़ (92 मिलियन रुपये) का प्रॉफिट बिफोर टैक्स कमाया था, वहीं FY27 की पहली छमाही में इन्हें ₹2.6 करोड़ (26 मिलियन रुपये) का नुकसान हुआ है। यह स्थिति कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
क्या कहते हैं वैल्युएशन के आंकड़े?
फिलहाल यह शेयर अपने FY28 के अनुमानित कोर प्रॉफिट के मुकाबले लगभग 11 गुना पर ट्रेड कर रहा है। FY27 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ₹337 करोड़ के ऑपरेटिंग रेवेन्यू पर ₹143 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया था। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपनी सब्सिडियरी के प्रदर्शन में सुधार ला पाती है और बाजार में अपनी हिस्सेदारी घटने के ट्रेंड को थाम पाती है या नहीं।
