Eyewear रिटेलर Lenskart Solutions के लिए आज मिला-जुला दिन रहा। एक तरफ ICICI Securities ने 'Buy' रेटिंग के साथ **₹750** का टारगेट दिया है, वहीं दूसरी तरफ SoftBank Vision Fund II कंपनी में अपनी **2.6%** हिस्सेदारी बेच रहा है।
ICICI Securities की राय और ग्रोथ का अनुमान
ICICI Securities ने Lenskart Solutions पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर के लिए ₹750 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज रिपोर्ट कंपनी के मजबूत ग्रोथ अनुमानों पर आधारित है। ICICI Securities का मानना है कि Lenskart का भारतीय बिजनेस वित्त वर्ष 2026 से 2031 के बीच 23% की रेवेन्यू CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) हासिल कर सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस दौरान अपने स्टोरों की संख्या तीन गुना कर सकती है और सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ में 18% का सुधार ला सकती है। इसके अलावा, कंपनी की बढ़ती दक्षता के कारण EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) CAGR लगभग 37% तक बढ़ सकता है।
SoftBank की हिस्सेदारी बिक्री और बाजार की हलचल
जहां एक ओर ब्रोकरेज रिपोर्ट भविष्य की ग्रोथ की ओर इशारा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में बिकवाली का दबाव भी देखा जा रहा है। 24 अगस्त 2026 को आई खबरों के अनुसार, SoftBank Vision Fund II ब्लॉक डील के जरिए Lenskart में अपनी 2.6% हिस्सेदारी बेच रहा है। इस सौदे के लिए फ्लोर प्राइस ₹635 प्रति शेयर रखा गया है। बड़े निवेशकों द्वारा इस तरह की हिस्सेदारी बिक्री से स्टॉक की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव आ सकता है, क्योंकि बाजार में शेयरों की नई सप्लाई आती है।
वित्तीय प्रदर्शन और वैल्यूएशन का जोखिम
Lenskart के वित्तीय नतीजे मजबूत रुझान दिखा रहे हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ₹221.84 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन पर भी बारीकी से नजर रखते हैं, क्योंकि Lenskart का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 200 से ऊपर बना हुआ है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन बताता है कि बाजार ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले ही शामिल कर लिया है, ऐसे में अगर कमाई उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है तो कोई बड़ी चूक की गुंजाइश नहीं रह जाती है।
इसके अलावा, Lenskart का बिजनेस मॉडल नए स्टोर खोलने और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए काफी कैपिटल खर्च की मांग करता है। यह मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन कंपनी को अपने रिटर्न ऑन कैपिटल को बनाए रखने के लिए अपने कैश फ्लो को सावधानी से मैनेज करने की भी आवश्यकता होती है। भविष्य में, बाजार प्रतिभागी इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या कंपनी आईवियर सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी ग्रोथ बनाए रख सकती है, और मौजूदा ब्लॉक डील पर स्टॉक कैसी प्रतिक्रिया देता है।
