ICICI Securities ने PNB Housing Finance पर अपनी कवरेज 'Buy' रेटिंग के साथ शुरू की है, साथ ही ₹1,350 का टारगेट प्राइस भी तय किया है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के रिटेल लोन ग्रोथ और अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में विस्तार की खूब तारीफ की है। हालांकि, कंपनी की एसेट्स में **13%** की बढ़ोतरी हुई है, पर ऊंचे फंडिंग कॉस्ट (Funding Cost) के चलते प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।
ICICI Securities ने PNB Housing Finance पर 'Buy' रिकमेन्डेशन के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर के लिए ₹1,350 का प्राइस टारगेट रखा है। ब्रोकरेज फर्म का यह पॉजिटिव आउटलुक कंपनी के हाई-ग्रोथ वाले एरिया, खासकर अफोर्डेबल और इमर्जिंग हाउसिंग सेगमेंट पर फोकस रहने की उम्मीद पर आधारित है, जिससे लोन यील्ड (Loan Yield) में सुधार होने की संभावना है।
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजे इस ग्रोथ की कहानी को और मजबूत करते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, PNB Housing Finance के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹93,021 करोड़ तक पहुंच गया। रिटेल लोन एसेट्स, जो कुल लोन पोर्टफोलियो का 99.5% है, में 16% की बढ़ोतरी देखी गई। खास बात यह है कि अफोर्डेबल और इमर्जिंग मार्केट सेगमेंट में 27% की ग्रोथ हुई और यह अब रिटेल लोन बुक का 41% हिस्सा है, जो इस स्पेस में कंपनी के स्ट्रेटेजिक पुश को दर्शाता है।
प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन पर नजर
जहां कंपनी मजबूत ग्रोथ दर्ज कर रही है, वहीं प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन को लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं। जून तिमाही में, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) - यानी लोन पर कमाए गए ब्याज और डिपॉजिट व उधार पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर - पिछले साल की समान अवधि के 3.74% से घटकर 3.50% हो गया। यह गिरावट मुख्य रूप से मौजूदा आर्थिक माहौल में ऊंचे बरोइंग कॉस्ट (Borrowing Cost) के कारण हुई।
सकारात्मक पक्ष यह है कि एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार देखने को मिला है। कंपनी ने पहली तिमाही के लिए ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो 0.95% दर्ज किया, जो पिछली अवधियों की तुलना में एक हेल्दी लोन बुक को दर्शाता है। ब्रोकरेज फर्म का ₹1,350 का टारगेट प्राइस, सितंबर 2027 के लिए कंपनी के अनुमानित प्राइस-टू-बुक वैल्यू (Price-to-Book Value) के 1.5 गुना के वैल्यूएशन पर आधारित है।
निवेशकों के लिए भविष्य का दृष्टिकोण
आगे चलकर, मैनेजमेंट ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में लोन डिस्बर्समेंट (Loan Disbursement) में मजबूत रिकवरी का अनुमान लगाया है। निवेशकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या यह वॉल्यूम ग्रोथ, प्रॉफिट मार्जिन पर ऊंचे फंडिंग कॉस्ट के प्रभाव की भरपाई कर पाएगी। इसके अलावा, जैसे-जैसे कंपनी अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में अपना एक्सपोजर बढ़ा रही है, तेजी से ग्रोथ करते हुए एसेट क्वालिटी को बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनी रहेगी जिस पर नजर रखनी होगी।
