ICICI Securities ने भारतीय डिफेंस सेक्टर को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि 2030 तक डिफेंस स्पेंडिंग में डबल-डिजिट ग्रोथ देखी जाएगी, जिसके चलते HAL और Solar Industries पर 'Buy' रेटिंग दी गई है।
ICICI Securities ने डिफेंस सेक्टर के लिए अपना पॉजिटिव आउटलुक बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि साल 2030 तक डिफेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर में सालाना डबल-डिजिट ग्रोथ बनी रहेगी। इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण नए Defence Procurement Manual (DPM) 2025 जैसे स्ट्रक्चरल सुधार हैं, जिनसे डिफेंस इक्विपमेंट की खरीद प्रक्रिया तेज होगी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
ऑर्डर का फ्लो और पॉलिसी का असर
ब्रोकरेज का कहना है कि डिफेंस सेक्टर में लगातार नए ऑर्डर आ रहे हैं, जो इसकी मजबूती को दर्शाते हैं। डेटा के मुताबिक, FY27 की पहली तिमाही में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने कई महत्वपूर्ण 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) को मंजूरी दी है, जिसका फायदा आने वाले समय में कंपनियों को मिलेगा। ग्लोबल लेवल पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के चलते इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, मिसाइल टेक्नोलॉजी और ड्रोन सिस्टम की मांग तेजी से बढ़ रही है।
टॉप पिक्स और परफॉर्मेंस
ICICI Securities ने Hindustan Aeronautics (HAL) और Solar Industries को अपना टॉप पिक चुना है और इन्हें 'Buy' रेटिंग दी है।
HAL के शेयरों में 4 सितंबर, 2026 को 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी, जिसका मुख्य कारण LCA तेजस प्रोग्राम के लिए GE Aerospace के इंजन की डिलीवरी रही। वहीं, Solar Industries ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की नेट सेल्स FY27 की पहली तिमाही में ₹3,668 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 70.3% ज्यादा है। साथ ही, कंपनी का EBITDA मार्जिन 27.7% दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर, Bharat Electronics, Bharat Dynamics और Azad Engineering को 'Add' रेटिंग दी गई है, जबकि Dynamatic Technologies पर 'Reduce' रेटिंग के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
सेक्टर में विकास की संभावनाओं के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। भारत अभी भी कई महत्वपूर्ण डिफेंस टेक्नोलॉजी के लिए आयात पर निर्भर है, जो मुनाफे पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, डिफेंस सेक्टर में अभी भी पब्लिक सेक्टर कंपनियों का दबदबा है, हालांकि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ रही है। इसके साथ ही, इंजन जैसे क्रिटिकल कंपोनेंट्स की समय पर डिलीवरी HAL जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
