सेक्टरों में दिखी बड़ी दरार: हॉस्पिटैलिटी चमकी, एविएशन और लगेज संघर्ष करते रहे
फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजों ने भारतीय ट्रैवल और कंजम्पशन सेक्टरों में एक बड़ा विभाजन (Divergence) दिखाया। जहां हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, खासकर लग्जरी सेगमेंट, मजबूत प्राइसिंग पावर और रेज़िलिएंट डिमांड का प्रदर्शन कर रहा था, वहीं एविएशन और लगेज सेक्टरों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ा।
लग्जरी होटल रहे सबसे आगे
होटल सेक्टर ने कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें Q3FY26 में औसत रेवेन्यू पर उपलब्ध कमरा (RevPAR) 12% बढ़ा। Leela Palaces Hotels & Resorts एक ख़ास परफ़ॉर्मर के रूप में उभरी, जिसने लग्जरी सेगमेंट में मजबूत मांग और औसत दैनिक दरों (ADR) में 17% की बढ़ोतरी के कारण लगभग 20% RevPAR ग्रोथ हासिल की। ADR बढ़कर ₹30,337 तक पहुँच गया। भारतीय होटल कंपनी (IHCL) ने ₹954.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 50.2% अधिक है। हालांकि, EBITDA मार्जिन 37.9% पर स्थिर रहने और स्टॉक के पीयर ग्रुप की तुलना में काफी प्रीमियम वैल्यूएशन (P/E 53.9, P/B 8.76) पर ट्रेड करने के कारण शेयर में गिरावट आई। Lemon Tree Hotels ने पोर्टफोलियो मिक्स के कारण 7% RevPAR ग्रोथ दर्ज की। Ambit Institutional Equities के अनुसार, इस सेक्टर में FY27/FY28 में 7-11% RevPAR ग्रोथ की उम्मीद है।
एविएशन सेक्टर पर लागत का भारी बोझ
एविएशन सेक्टर के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। IndiGo, जिसका मार्केट शेयर लगभग 65.6% बना हुआ है, ने Q3FY26 में ₹613 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 74.9% की बड़ी गिरावट है। JP Morgan के विश्लेषण से पता चलता है कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें (क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर 6% अधिक) और रुपये में 2% की गिरावट एयरलाइन की प्रॉफिटेबिलिटी को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। फ्यूल लागत में 1% की वृद्धि से टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) 3% घटता है, और रुपये में 1% की गिरावट PBT को 5-6% कम करती है। उद्योग के लिए FY26 में अनुमानित कुल घाटा ₹17,000–18,000 करोड़ है। बेड़े का 15-17% हिस्सा ग्राउंडेड (Grounded) होने जैसी क्षमता की कमी ने हाई लोड फैक्टर के बावजूद रेवेन्यू बढ़ाने की गुंजाइश सीमित कर दी।
लगेज सेक्टर में मार्जिन पर दबाव और घाटा
लगेज सेक्टर में भी काफी दबाव देखा गया। VIP Industries ने Q3FY26 में ₹52.87 करोड़ (₹528.7 million) का नेट लॉस रिपोर्ट किया, जो पिछले साल की तुलना में एक बड़ा गिरावट है। कंपनी के रेवेन्यू में 9.37% की गिरावट आई और यह ₹454.13 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण कम रियलाइजेशन और इन्वेंट्री को तेजी से खाली करने का दबाव था। एनालिस्टों का नज़रिया अधिक निराशावादी हो गया है, जो FY26 के लिए रेवेन्यू में गिरावट और घाटे का अनुमान लगा रहे हैं। Safari Industries के रेवेन्यू में Q3FY26 में 15.73% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹518.47 करोड़ रहा, लेकिन PBT और PAT में गिरावट देखी गई। MarketsMOJO ने सफारी इंडस्ट्रीज को तकनीकी गिरावट, वैल्यूएशन में खिंचाव और फ्लैट फाइनेंशियल्स के कारण 'Sell' रेटिंग दी है। यह इंडस्ट्री, जिसका मूल्य लगभग ₹18,000–20,000 करोड़ है, FY26 में 5-7% की ग्रोथ की उम्मीद कर रही है, लेकिन प्रतियोगिता और बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
भविष्य का नज़रिया
Ambit Institutional Equities ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए FY27/FY28 में 7-11% RevPAR ग्रोथ का अनुमान लगाया है। IHCL और Leela Palaces जैसे शेयरों पर एनालिस्टों का नज़रिया सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, एविएशन सेक्टर के लिए लागत दबाव और संभावित रेगुलेटरी इंटरवेंशन के कारण नज़रिया सतर्क बना हुआ है। लगेज सेक्टर को निकट भविष्य में मार्जिन दबाव और इन्वेंट्री ऑप्टिमाइजेशन की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।