Prabhudas Lilladher ने Home First Finance Company India पर अपना भरोसा कायम रखा है। दूसरी तिमाही में शानदार **27%** एसेट ग्रोथ के बाद ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस **₹1,400** पर बनाए रखा है, हालांकि FY28 के अर्निंग एस्टिमेट्स में **1.7%** की हल्की कटौती की गई है।
मजबूत नतीजों के बावजूद सतर्क रुख
Prabhudas Lilladher ने Home First Finance के लिए अपना टारगेट प्राइस ₹1,400 पर स्थिर रखा है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिसमें टोटल एसेट अंडर मैनेजमेंट 27% बढ़कर ₹180.1 बिलियन तक पहुंच गया है। इसके अलावा, डिस्बर्समेंट में भी 32% की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मैनेजमेंट FY27 तक सालाना 25% की एसेट ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसे तमिलनाडु रीजन में रिकवरी और बेहतर टीम प्रोडक्टिविटी से सपोर्ट मिल रहा है।
मार्जिन पर दबाव की आशंका
ग्रोथ की अच्छी उम्मीदों के बीच कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) FY28 तक 14 से 17 बेसिस पॉइंट्स तक सिकुड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह फंडिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी और रेपो रेट में बदलाव का असर है। नए इंश्योरेंस रेगुलेशंस के आने से भी मुनाफे पर कुछ असर पड़ सकता है।
नई रणनीति से बचाव की तैयारी
इन चुनौतियों से निपटने के लिए Home First Finance ने अपनी स्ट्रेटेजी में बदलाव शुरू कर दिया है। कंपनी अब 'लोन-अगेन्स्ट-प्रॉपर्टी' (LAP) के पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर फोकस कर रही है ताकि रिस्क और रिटर्न को बेहतर तरीके से बैलेंस किया जा सके। साथ ही, कंपनी इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन के नए ड्राफ्ट नियमों के असर को कम करने के लिए अपने फीस स्ट्रक्चर को भी ऑप्टिमाइज कर रही है।
एसेट क्वालिटी और क्रेडिट कॉस्ट
फिलहाल कंपनी की एसेट क्वालिटी स्टेबल नजर आ रही है। दूसरी तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट 43 बेसिस पॉइंट्स रही, जिसके FY28 तक 33 बेसिस पॉइंट्स तक सुधरने का अनुमान है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपने फीस स्ट्रक्चर को बदलती है और बढ़ती फंडिंग कॉस्ट को किस तरह मैनेज करती है।
