Hitachi Energy India के शेयरों में आज **10%** से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई। कंपनी के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के शानदार प्रदर्शन के बाद यह उछाल आया है।
Hitachi Energy ने Q1 में मचाया धमाल!
Hitachi Energy India के निवेशकों के लिए आज का दिन बड़ी ख़ुशी लेकर आया। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए, जिसमें नेट प्रॉफिट में 123.5% की ज़बरदस्त उछाल देखने को मिली। पिछले साल की इसी अवधि में ₹294.15 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था, जो इस साल बढ़कर ₹2,493.69 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू में भी 68.6% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मजबूत ऑर्डर बुक और मार्जिन में सुधार
कंपनी की ऑपरेशनल EBITDA मार्जिन में 450 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ और यह 16.0% पर पहुंच गई। इसका मुख्य कारण कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बढ़ोतरी और बड़े प्रोजेक्ट्स का बेहतर एग्जीक्यूशन है। Hitachi Energy के पास ₹32,222.1 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर बैकलॉग है। इसमें बड़े HVDC (हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट) प्रोजेक्ट्स को छोड़ दें, तो नए ऑर्डर इनफ्लो में पिछले साल की तुलना में 26.1% की वृद्धि हुई है। यह डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स से मजबूत मांग का संकेत देता है।
ब्रोकरेज की 'Neutral' रेटिंग
इतने शानदार नतीजों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'Neutral' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस ₹32,000 से बढ़ाकर ₹36,000 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का शेयर पहले से ही काफी महंगा है। यह अपने FY27 अनुमानित आय के करीब 90 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में, निवेशकों ने पहले से ही भविष्य की ग्रोथ को इस कीमत में शामिल कर लिया है, खासकर बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स से मिलने वाले लाभ को।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नज़र कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर रहेगी। भले ही बड़ा ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू की गारंटी देता है, लेकिन पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के सामान्य जोखिम जैसे कच्चे माल (खासकर कॉपर) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय और बजट में पूरा करने की चुनौती बनी हुई है। इतने ऊंचे वैल्यूएशन पर, कंपनी को उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
